लगातार होती खांसी कब बन जाती है खतरनाक? डॉक्टर ने चेताया हो सकते हैं ये कारण जिम्मेदार persistent coughing can be dangerous doctors warns it could increase the risk of these serious diseases than cold, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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लगातार होती खांसी कब बन जाती है खतरनाक? डॉक्टर ने चेताया हो सकते हैं ये कारण जिम्मेदार

यदि खांसी लगातार कई हफ्तों तक बनी रहती है या बार-बार लौटकर आने लगती है और दवाओं के सेवन के बाद भी ठीक नहीं होती, तो यह साधारण खांसी नहीं बल्कि शरीर की तरफ से दिया गया एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है।

Tue, 10 Feb 2026 10:00 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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लगातार होती खांसी कब बन जाती है खतरनाक? डॉक्टर ने चेताया हो सकते हैं ये कारण जिम्मेदार

अकसर मौसम बदलने पर होने वाली खांसी को लोग सर्दी-जुकाम या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि खांसी लगातार कई हफ्तों तक बनी रहती है या बार-बार लौटकर आने लगती है और दवाओं के सेवन के बाद भी ठीक नहीं होती, तो यह साधारण खांसी नहीं बल्कि शरीर की तरफ से दिया गया एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है। क्रॉनिक कफ (Chronic cough) यानी ऐसी खांसी जो 8 सप्ताह से ज्यादा समय तक रहे, कई गंभीर समस्याओं से जुड़ी हो सकती है।

डॉ. हरीश वर्मा बताते हैं कि हर खांसी सिर्फ संक्रमण की वजह से नहीं होती। कई बार इसका कारण गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD), अस्थमा, पोस्ट-नैजल ड्रिप, फेफड़ों की बीमारी, एलर्जी या कुछ मामलों में गंभीर रोग जैसे टीबी या फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है। खासतौर पर अगर खांसी के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, वजन कम होना, खून आना या लगातार थकान जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच जरूरी है।

ये लक्षण करते हैं GERD की तरफ इशारा

GERD से जुड़ी खांसी अक्सर लोगों को समझ नहीं आती क्योंकि इसमें सीने में जलन जरूरी नहीं होती। रात में खांसी बढ़ना, गले में खराश, बार-बार गला साफ करने की इच्छा या मुंह में खट्टा स्वाद जैसे लक्षण एसिड रिफ्लक्स की ओर संकेत कर सकते हैं। जब पेट का एसिड ऊपर आकर गले या श्वसन मार्ग को प्रभावित करता है, तो लगातार खांसी शुरू हो सकती है।

बिगड़ती लाइफस्टाइल

डॉ. वर्मा के अनुसार, आज की लाइफस्टाइल भी क्रॉनिक कफ का बड़ा कारण बन रही है। देर रात खाना, लंबे समय तक बैठकर काम करना, प्रदूषण में रहना, धूम्रपान, अत्यधिक कैफीन, मोटापा और तनाव जैसी आदतें श्वसन स्वास्थ्य को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं। वर्क-फ्रॉम-होम के दौरान शारीरिक गतिविधि कम होना और एयर क्वालिटी खराब होना भी सांस से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है।

साइलेंट रिफ्लक्स

कई बार युवा और फिट दिखने वाले लोग भी क्रॉनिक खांसी से परेशान हो सकते हैं क्योंकि एलर्जी, अस्थमा या 'साइलेंट रिफ्लक्स' जैसी स्थितियां बिना स्पष्ट जोखिम कारकों के भी हो सकती हैं। इसलिए केवल उम्र या फिटनेस के आधार पर समस्या को हल्का नहीं लेना चाहिए।

खांसी से राहत दिलाएंगे ये टिप्स

खांसी को नियंत्रित करने के लिए कुछ आसान लाइफस्टाइल बदलाव मददगार हो सकते हैं। जैसे समय पर भोजन करना, देर रात भारी खाना न खाना, धूम्रपान से दूरी बनाना, प्रदूषण से बचाव करना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त पानी पीना। यदि GERD का संदेह हो तो सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखना और मसालेदार या तैलीय भोजन कम करना भी लाभकारी हो सकता है।

सलाह- डॉ. वर्मा सलाह देते हैं कि अगर खांसी तीन से चार सप्ताह से ज्यादा बनी रहे या बार-बार वापस आए, तो स्वयं इलाज करने की जगह डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। समय पर सही जांच से बीमारी की पहचान जल्दी हो सकती है और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है। याद रखें, हर लंबी चलने वाली खांसी साधारण नहीं होती। शरीर के संकेतों को समझना और समय पर कदम उठाना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

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