क्या कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रिपोर्ट होने के बाद भी हार्ट अटैक हो सकता है? डॉक्टर से जानें normal cholesterol report is not guarantee of healthy heart doctor share information about heart attack risk, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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क्या कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रिपोर्ट होने के बाद भी हार्ट अटैक हो सकता है? डॉक्टर से जानें

Can you have blocked arteries with normal cholesterol: कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रिपोर्ट होने के बाद भी लोगों को हार्ट अटैक आ जाता है। दरअसल, केवल कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल होना हेल्दी हार्ट की गारंटी नही है। डॉक्टर से जानें जानकारी।

Sat, 24 Jan 2026 05:59 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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क्या कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रिपोर्ट होने के बाद भी हार्ट अटैक हो सकता है? डॉक्टर से जानें

हार्ट हेल्थ को सही रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट कितनी खास होती है। बैड कोलेस्ट्रॉल ब्लड वेसल्स में प्लॉक के रुप में जम जाता है। जिसकी वजह से हार्ट को पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यहीं वजह है कि हार्ट वेसल्स कमजोर हो जाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन क्या कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बाद भी हार्ट अटैक आ सकता है? दरअसल काफी सारे लोग भ्रम में होते हैं कि अगर उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल होगा तो उन्हें हार्ट अटैक का रिस्क नहीं होगा। लेकिन इस बारे में डॉक्टर कौस्तुभ ने जानकारी शेयर की है। और बताया है कि कैसे कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी लोगों को हार्ट अटैक आ जाता है।

डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि काफी सारे लोगों को गलत जानकारी होती है कि कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रिपोर्ट से उनका हार्ट हेल्दी है। भले ही बढ़े कोलेस्ट्रॉल की वजह से हार्ट में डैमेज ना हो लेकिन हार्ट अटैक आने के और भी कई सारे रिस्क फैक्टर होते हैं। जिन पर काम करना जरूरी होता है। जिससे कि आप हार्ट अटैक के रिस्क को घटा सकें।

हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ाता है। लगातार ब्लड प्रेशर के ज्यादा होने पर आर्टरीज हार्ड हो जाती है। जिससे फ्यूचर में इनके ब्लॉक होने के चांस बढ़ जाते हैं। जिससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है।

डायबिटीज

जिन लोगों को डायबिटीज है और उनका ब्लड शुगर हमेशा हाई बना रहता है। उन्हें भी हार्ट अटैक का रिस्क ज्यादा होने के चांस रहते हैं।

स्मोकिंग और तंबाकू

तीसरा और सबसे खास कारण हार्ट अटैक का स्मोकिंग और तंबाकू है। इसमे मौजूद निकोटिन और केमिकल्स आर्टरीज को हार्ट बना देते हैं। साथ ही इससे ब्लड में क्लॉट बनना शुरू हो जाते हैं। जिसकी वजह से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है।

क्रॉनिक स्ट्रेस और स्लीप की कमी

लगातार स्ट्रेस और उसका सही मैनेजमेंट ना होना आपकी स्लीप क्वालिटी को खराब करता है। नतीजा हार्ट पर सीधा असर पड़ता है। दरअसल, स्ट्रेस की वजह से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो हार्ट रेट के साथ ब्लड प्रेशर को भी बढ़ा देता है। जब आप लगातार स्ट्रेस का मैनेजमेंट नहीं करते तो इससे धमनियों में सूजन बढ़ती है, ब्लड में क्लॉट बनना शुरू हो जाते हैं और हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है।

मोटापा और बैठने वाली लाइफस्टाइल

अगर आप लगातार फिजिकल एक्टीविटी को इग्नोर करते हैं। दिनभर बैठकर बिता देते हैं तो ना केवल शरीर में मोटापा बढ़ता है बल्कि ये आपके हार्ट के फंक्शन को भी स्लो कर देता है। मोटापे की वजह से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर हाई होना और आर्टरीज में ब्लॉकेज होने लगती है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है।

फैमिली हिस्ट्री

अगर आपकी फैमिली में कम उम्र में लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है तो ये आपकी फैमिली हिस्ट्री में शामिल हो सकता है। ऐसे लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करने की जरूरत होती है।

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