न्यूरोलॉजिस्ट ने बताई 3 आदतें जो ब्रेन को डैमेज कर देती हैं, चेक करें आप तो नहीं कर रहे?
न्यूरोलॉजिस्ट ने ऐसी 3 आदतों का जिक्र किया है, जो अनजाने में ज्यादातर लोग कर रहे होते हैं। न्यूरोलॉजिस्ट कहते हैं कि वे पूरा ध्यान रखते हैं कि ये 3 चीजें बिल्कुल ना करें क्योंकि ये ब्रेन के लिए काफी डैमेजिंग हो सकती हैं।

ओवरऑल हेल्थ के साथ-साथ अपनी ब्रेन हेल्थ का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। कई बार सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज के बाद भी हम कुछ ऐसी आदतें अपना रहे होते हैं, जो ब्रेन के लिए काफी डैमेजिंग हो सकती हैं। आमतौर पर ये चीजें काफी नॉर्मल लगती हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में ब्रेन पर काफी नेगेटिव असर डालती हैं। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ बिंग ने एक पोस्ट के जरिए ऐसी ही तीन आदतों का जिक्र किया है, जो अनजाने में ज्यादातर लोग कर रहे होते हैं। न्यूरोलॉजिस्ट कहते हैं कि वे पूरा ध्यान रखते हैं कि ये 3 चीजें बिल्कुल ना करें क्योंकि ये ब्रेन के लिए काफी डैमेजिंग हो सकती हैं। आइए विस्तार में जानते हैं।
सोते समय हेडफोन का इस्तेमाल करना
कई लोग सोने जाते समय अपने कानों में हेडफोन लगाकर कोई म्यूजिक या साउंड सुनना शुरू कर देते हैं। डॉ बिंग कहते हैं कि अगर आप इन्हीं लोगों में से एक हैं, तो कम से कम इस बात का ध्यान रखें कि आप जो भी सुन रहे हैं, उसकी आवाज काफी कम हो। लंबे समय तक तेज साउंड सुनने से आपके कान में मौजूद हेयर सेल्स डैमेज हो सकते हैं, जिससे आपके सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। साथ ही लॉन्ग टर्म में ये आदत डिमेंशिया यानी कमजोर याददाश्त की भी वजह बन सकती है।
इसके अलावा लंबे समय तक कान में हेडफोन या इयरफोन लगाए रखने की वजह से मॉइश्चर ट्रैप हो सकता है, जो इयर इन्फेक्शन की वजह बन सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर आप सोते समय तेज आवाजें सुनते हैं, तो ये आपकी डीप स्लीप को भी प्रभावित करता है। साथ ही आपके लिम्फेटिक सिस्टम को भी डिस्टर्ब करता है, जो नींद के दौरान आपके ब्रेन की सफाई करता है और टॉक्सिंस को बाहर निकालने का काम करता है।
अपने मसूड़ों की हेल्थ का ध्यान ना रखना
डॉ बिंग एक 2025 में हुई स्टडी का हवाला देते हुए बताते हैं कि जिन लोगों को मसूड़ों से जुड़ी परेशानियां हैं या दांतों में कैविटीज हैं, उनमें स्ट्रोक के चांस डबल हो जाते हैं। कई अध्ययनों में ये भी पाया गया है कि खराब ओरल हेल्थ डिमेंशिया और दिमागी कमजोरी (कॉग्निटिव डिक्लाइन) का कारण भी बन सकती है।
टॉयलेट में 5 मिनट से ज्यादा बैठना
आखिर में न्यूरोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि टॉयलेट में ज्यादा देर के लिए नहीं बैठना चाहिए। ज्यादा देर बैठने और जोर लगाने से खून पैरों में जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर गिरने लगता है। खासतौर से अगर आपको पहले से ही कोई हेल्थ कंडीशन है, तो ब्रेन तक पर्याप्त ब्लड ना पहुंचने की वजह से बेहोशी भी आ सकती है। अब जिन लोगों को क्रॉनिक बॉवेल डिजीज हैं, उनके पास कोई विकल्प नहीं है। लेकिन बाकी लोग कोशिश करें कि 5 मिनट से ज्यादा टॉयलेट में ना बैठें।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या स्थिति के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन