सिर्फ सोने का तरीका काफी नहीं! जानिए दिन भर की वो गलतियां जो आपकी रीढ़ बिगाड़ रही हैं neck hump is not always caused by pillows doctor reveals daily mistakes that are ruining your spine, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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सिर्फ सोने का तरीका काफी नहीं! जानिए दिन भर की वो गलतियां जो आपकी रीढ़ बिगाड़ रही हैं

जिस मोबाइल को आप अपनी आंखों के सामने घंटों बनाए रखते हैं और जिस डेस्क पर आप घंटों झुककर काम करते हैं, यह कूबड़ असल में आपके शरीर द्वारा इन गलत आदतों का ही नतीजा होता है।

Thu, 15 Jan 2026 05:53 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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सिर्फ सोने का तरीका काफी नहीं! जानिए दिन भर की वो गलतियां जो आपकी रीढ़ बिगाड़ रही हैं

अक्सर गर्दन के पीछे उभार या 'कूबड़' (Neck Hump) महसूस करने पर हमारा पहला शक अपने तकिए पर ही जाता है। जिसके बाद ज्यादातर लोग अपने पुराने तकिए को बदलकर बाजार से महंगा ऑर्थोपेडिक तकिया खरीदकर घर ले आते हैं। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो आपकी परेशानी की वजह आपके तकिए में नहीं बल्कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतों में छिपी हुई होती है। जिस मोबाइल को आप अपनी आंखों के सामने घंटों बनाए रखते हैं और जिस डेस्क पर आप घंटों झुककर काम करते हैं, यह कूबड़ असल में आपके शरीर द्वारा इन गलत आदतों का ही नतीजा होता है। तकिया बदलना तो सिर्फ एक मरहम है, असली इलाज तो उस ढर्रे को बदलना है जिसे हम अपनी दिनचर्या कहते हैं।

शारदाकेयर हेल्थसिटी के ऑर्थोपेडिक्स डॉ. पुष्कर चावला कहते हैं कि जब भी कोई 'नेक हंप' या गर्दन के ऊपरी हिस्से में उभार की बात करता है, तो आमतौर पर लोग इसका कारण तकिये की गलत ऊंचाई या सोने के गलत तरीके को जिम्मेदार मानते हैं। हालांकि, यह सिर्फ समस्या के पीछे छिपा यह छोटा सा कारण हो सकता है, जबकि परेशानी की असल वजह तकिए से ज्यादा आपकी रोजमर्रा की कुछ खराब आदतें होती हैं।

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गर्दन के पीछे के उभार की असल वजह

आज के समय में ज्यादातर लोग लंबे समय तक बैठकर लैपटॉप या मोबाइल की तरफ झुककर काम करते हैं। लंबे समय तक गर्दन को आगे की ओर झुकाए रखने से सर्विकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़) पर दबाव बढ़ जाता है। यह दबाव समय के साथ रीढ़ की हड्डियों और आस-पास की मांसपेशियों को ढलने के लिए मजबूर करता है, जिससे गर्दन के ऊपरी हिस्से में एक उभार या 'हंप' जैसा दिखाई देने लगता है।

गर्दन पर कूबड़ से होने वाली दिक्कतें

दोमुखी स्क्रीन की तरफ नजर गढ़ाए रखना, कंधों का झुकना, सिर को आगे निकालना, और लंबे समय तक इसी मुद्रा में बैठे रहना, ये सभी आदतें गर्दन के प्राकृतिक वक्र (curve) को बिगाड़ती हैं। इससे न सिर्फ एक 'हंप' बन सकता है, बल्कि गर्दन में दर्द, सिरदर्द, कंधों में जकड़न, और स्नायु तंत्र पर प्रभाव जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।

अपनाएं ये बदलाव

सिर्फ तकिये की ऊंचाई को बदल देना अधिकांश मामलों में दिक्कत का स्थायी समाधान नहीं होता। यह केवल एक छोटा पहलू है। असली समाधान तो रोजमर्रा की आदतों में सुधार, सही पोस्चर, और मजबूत मांसपेशियां बनाने में होता है। उदाहरण के लिए-

-कंप्यूटर या फोन को आंखों की सीधी रेखा में रखकर उपयोग करना

-हर 30–45 मिनट में उठकर बॉडी को स्ट्रेच करना

-कंधों और गर्दन के लिए नियमित स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना

-मजबूत कंधा और पीठ की मांसपेशियों को विकसित करने वाली एक्सरसाइज को रूटीन में रोजाना शामिल करना।

सलाह- अगर गर्दन में लगातार दर्द, जकड़न या 'हंप' बढ़ता दिखाई दे, तो विशेषज्ञ से समय पर सलाह लेना बेहद जरूरी है। शुरुआती चरण में स्थिति को समझकर और आदतों को सुधारकर इसे रोका जा सकता है, पर इलाज में देर करने पर स्थिति स्थायी हो सकती है।

आसान शब्दों में समझें तो गर्दन का 'हंप' सिर्फ तकिये की गलती नहीं है। यह हमारे जीवन शैली, बैठने व काम करने के तरीके, और हमारी बॉडी के प्रति जागरूकता का प्रमाण है। अपनी आदतों को सुधारकर और थोड़ी सावधानी अपनाकर हम न सिर्फ 'हंप' की समस्या से बच सकते हैं, बल्कि बेहतर रीढ़ और संपूर्ण स्वास्थ्य भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

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