हाथ-पैरों में मोच लगते ही सबसे बड़ी गलती करते हैं लोग! डॉक्टर ने बताया क्या होना चाहिए फर्स्ट एड? most common first aid mistakes while sprain or strain muscle pull doctor share what to do, हेल्थ टिप्स - Hindustan
More

हाथ-पैरों में मोच लगते ही सबसे बड़ी गलती करते हैं लोग! डॉक्टर ने बताया क्या होना चाहिए फर्स्ट एड?

First Aid Of Sprain, Strain: हाथ-पैर या शरीर के अंदरूनी हिस्से में जब चोट लगती है। मतलब मांसपेशियों में जब खिंचाव या तनाव हो जाता है और उस जगह पर दर्द होने लगता है। तो ज्यादातर लोग गर्म सिंकाई देते हैं जबकि ये पूरी तरह से गलत है। जानें सही इलाज क्या होना चाहिए।

Sat, 4 April 2026 06:52 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
share
हाथ-पैरों में मोच लगते ही सबसे बड़ी गलती करते हैं लोग! डॉक्टर ने बताया क्या होना चाहिए फर्स्ट एड?

हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से में जैसे ही अंदरूनी चोट लगती है। मतलब मसल्स में खिंचाव आ जाता है तो ज्यादातर लोग इसका गलत इलाज करते हैं। ऐसा हम नहीं इंस्टाग्राम पर होमियोपैथी के डॉक्टर निश्चल गुप्ता ने बताया। दरअसल, मांसपेशियों में तनाव और खिंचाव यानि स्प्रेन और स्ट्रेन आ जाने पर अक्सर लोग उस जगह पर अंदरूनी दर्द कम करने वाली दवा को लगाकर मसाज करते हैं और गर्म पट्टी बांध देते हैं। जबकि ये पूरी तरह से गलत है। डॉक्टर का कहना है कि जब भी मसल्स या अंदरूनी हिस्से में इस तरह की चोट या मोच लगे तो उस पर गर्म सिंकाई नहीं करना चाहिए। मोच का फर्स्ट एड नियम बहुत ही आसान है, जिसे हर किसी को याद रखना चाहिए।

डॉक्टर ने बताया चोट या मोच लगने पर क्या होना चाहिए पहला इलाज

जब भी किसी के हाथ-पैर में मोच लग जाए या अंदरूनी चोट लगे तो उसे गर्म सिंकाई देने की गलती ना करें बल्कि राइस यानी RICE का नियम याद रखें।

R का मतलब है रेस्ट

I का मतलब है आइस

C का मतलब है कम्प्रेसन

E वहीं ई का मतलब है एलिवेशन

इन चारों को डिटेल में समझें तो सबसे पहले चोट लगने पर रेस्ट करें। मोच लगे या चोट लगे हाथ-पैर को आराम दें, उससे काम ना लें।

मोच लगी हुई जगह पर बर्फ की ठंडी सिंकाई करें। इससे मसल्स की टेंशन दूर होगी और वो रिलैक्स होंगी।

कंप्रेशन यानि कि चोट वाली जगह पर कम से कम दबाव डालें। उस जगह पर किसी तरह का प्रेशर डालने से बचें। इससे मसल्स पर ज्यादा दबाव बढ़ता है और चोट में ज्यादा दर्द होने लगता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:4 तरह के ब्रेकफास्ट से मां को रखें दूर, फिटनेस एक्सपर्ट ने किया शेयर

एलिवेशन यानि कि हाथ-पैर जहां पर भी चोट लगी है उसे हार्ड सरफेस से ऊपर कर किसी मुलायम सॉफ्ट सरफेस पर रखें। एलिवेशन का भी कंप्रेशन से कनेक्शन है। इससे चोट पर प्रेशर कम पड़ेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मार्च-अप्रैल में तरबूज खाने की कर रहे गलती, जान लें सही समय

गर्म सिंकाई के नुकसान

जब आप गर्म चीज से मोच पर सिंकाई कर देते हैं तो इससे फौरन तो दर्द से राहत मिलते महसूस होती है। लेकिन ये दर्द कुछ ही देर रहता है क्योंकि गर्म सिंकाई से दर्द और सूजन दोनों ही बढ़ जाता है। जबकि ठंडी बर्फ से सिंकाई करने से चोट वाली जगह पर खून की नसें सिकुड़ जाती हैं। जिससे दर्द और सूजन से राहत मिलती है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।