क्या हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक है कार्डियक अरेस्ट? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें फर्क, लक्षण और बचाव के उपाय
खबर आई कि दिग्गज गायिका आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में उन्हें चेस्ट इंफेक्शन होने की बात बताई गई। आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर होता है और लक्षण क्या होते हैं?

रिपोर्ट्स के अनुसार, मशहूर सिंगर आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट की आशंका के बाद मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि बाद में उनकी पोती ने हेल्थ अपडेट देते हुए साफ किया कि आशा ताई को कार्डियक अरेस्ट नहीं, बल्कि चेस्ट इंफेक्शन और थकान की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। क्या कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक होता है? आखिर दोनों में फर्क क्या है?
पहले जहां कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं बढ़ती उम्र में देखने को मिलती थीं, वहीं अब ये कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में इन दोनों स्थितियों के बीच का अंतर समझना और इनके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी हो गया है। आइए, जानते हैं कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के बीच का फर्क, इनके लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर?
बेंगलुरु के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर वीएस प्रकाश ने इस बारे में HT लाइफस्टाइल से बात की थी। उनका कहना है कि हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में ब्लॉकेज हो जाता है, जिससे हार्ट मसल को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। लेकिन हार्ट बीट चलती रहती है और व्यक्ति थोड़ा होश में रहता है।
कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना बंद कर देता है। कार्डियक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम होती है, जिसमें दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है. इसमें मरीज को बचाने के लिए बहुत कम समय मिलता है। अगर इसमें तुरंत कोई मदद न मिले तो इंसान की जान जा सकती है।
कौन ज्यादा खतरनाक?
हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक है कार्डियक अरेस्ट। कार्डियक अरेस्ट बिना किसी चेतावनी के आता है। इसकी वजह दिल की इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी, पहले से कमजोर दिल की मसल, इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस, पानी की कमी या जरूरत से ज्यादा हैवी एक्सरसाइज करना हो सकता है। ज्यादातर केसेस में कार्डियक अरेस्ट आने से पहले कोई संकेत नहीं मिलते हैं लेकिन कुछ मामलों में इससे जुड़े लक्षणों को लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

जरूरी लक्षणों को न करें इग्नोर
- अचानक गिर जाना- कार्डियक अरेस्ट होने पर व्यक्ति खड़े-खड़े अचानक गिर जाता है। ऐसा लगता है जैसे चक्कर आ गया हो लेकिन ये कार्डियक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है।
- नब्ज न मिलना- ऐसी स्थिती में अक्सर कलाई या गर्दन की नब्ज नहीं मिलती है। इसका कारण होता है कि अचानक से दिल खून पंप करना बंद कर देता है।
- सीने में दर्द-जकड़न- कुछ केसेस में व्यक्ति को सीने में तेज दर्द और जकड़न महसूस होती है। ये लक्षण दोनों मामलों में हो सकते हैं लेकिन कार्डियक अरेस्ट में कम ही होता।
- सांस लेने में तकलीफ- कार्डियक अरेस्ट में पेशेंट को अचानक सांस लेने में तकलीफ या घुटन महसूस हो सकती है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को ये हार्ट अटैक लगता है।
- थकान या कमजोरी- कार्डियक अरेस्ट आने से पहले व्यक्ति को थकान, कमजोरी, बेहोशी आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं। अक्सर लोग इन्हें समझ नहीं पाते हैं।
बचाव के तरीके
अगर किसी को अचानक कार्डियक अरेस्ट होता है, तो उसे फौरन CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू करें। ऐसे में हर मिनट जानलेवा हो सकता है। इसके अलावा युवाओं को हेल्थ चेकअप कराना चाहिए। ज्यादा स्मोकिंग, वेपिंग या हैवी वर्कआउट से बचना चाहिए। नींद पूरी करने की कोशिश करें, स्ट्रेस को दूर रखें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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