दीवारों में सीलन का पता लगाने का आसान तरीका, छोटा सा एल्यूमिनियम फॉइल का टुकड़ा करेगा मदद
घर की दीवारों में सीलन से परेशान है और पेंट की पपड़ी पूरी छूटी जा रही। तो प्लम्बर बुलाकर खर्च करने से पहले सिंपल से टेस्ट से पता कर लें कि आखिर दीवारों में सीलन होने का कारण क्या है?

दीवारों की सीलन तब नजर आती है जब पेंट उखड़ने लगता है, सीलन के दाग दिखने लगते हैं और कई बार तो बंद कमरे में दीवारों की सीलन से बदबू भी आना शुरू हो जाती है। लेकिन ये सारी पहचान दरअसल, सीलन काफी ज्यादा होने के बाद दिखती है। दीवारों में पानी की लीकेज जब बढ़ जाती है तभी ये सारी समस्याएं होना स्टार्ट होती है। और, अगर शुरुआत में ही दिख जाए कि आखिर कौन से हिस्से में लीकेज हो रही तो इतने ज्यादा नुकसान से बचा जा सकता है। क्योंकि केवल घर की सीलन वाली दीवारों को ठीक कराने से कुछ नहीं होगा। समस्या तभी खत्म होगी जब आपको लीकेज का पता चलेगा। अब इस लीकेज को पता करने के लिए भी प्लम्बर बुलाना पड़ता है। लेकिन आप इस काम को बड़े ही आसान तरीके से खुद कर सकते हैं और बड़े खर्च को बचा सकते हैं।
जानें दीवारों की सीलन पता करने का तरीका
दीवारों की सीलन पता करने का होम हैक काफी पॉपुलर है एल्यूमिनियम फॉइल टेस्ट।
इसकी टेस्ट से बिना किसी एक्सपर्ट की मदद के आप घर पर ही पता कर सकते हैं कि कौन सी दीवार में लीकेज सीलन के लिए जिम्मेदार है।
क्या है एल्यूमिनियम फॉइल टेस्ट
एल्यूमिनियम फॉइल टेस्ट छोटा सा टेस्ट है जिसकी मदद से आप दीवारों के कौन से हिस्से में पानी की लीकेज या नमी है इसका पता बहुत आसानी से लगा सकते हैं। तो चलिए जानें कैसे करें ये टेस्ट..
कैसे करें एल्यूमिनियम फॉइल टेस्ट
एल्यूमिनियम फॉइल टेस्ट करने के लिए सबसे पहले फॉइल का छोटा सा लगभग दो से चार इंच लंबा-चौड़ा चौकोर टुकड़ा लेना होता है। उसे दीवार पर टेप की मदद से चिपका दें। करीब 24 घंटे बाद देखें कि फॉइल के किस हिस्से पर नमी जमा हुई है।
टेस्ट से कैसे पता करें सीलन
1- अगर फॉइल के ऊपर पानी जमा है तो इसका मतलब है कि कमरे की हवा में नमी है। जो ठंडी होकर दीवार से टकराकर पानी बन रही है। इसे कंडेंसेशन कहते हैं।
2- अगर फॉइल के अंदर वाले हिस्से पर नमी हो रही तो इसका मतलब है कि दीवार के अंदर नमी और लीकेज है। जिसकी वजह से दीवारों पर सीलन दिख रही।
दीवार के अंदर नमी दिखने के कारण
अगर दीवार के अंदर नमी है तो ये गंभीर और खर्चे वाली समस्या है क्योंकि इसमे दीवार के अंदर पानी के लीकेज होने का खतरा ज्यादा होता है।
- दीवार में दरारें
- खराब वाटरप्रूफिंग
- दीवार की नींव में समस्या
- दीवार के अंदर पानी की पाइप में लीकेज
- खराब ड्रेनेज सिस्टम, जिसकी वजह से पानी नाली से पाइप में जाने की बजाय दीवारों में रिस रहा है।
ऐसे में सही समय पर नमी और लीकेज को ठीक करना जरूरी है। जिससे घर का स्ट्रक्चर कमजोर ना हो क्योंकि कई बार सीलन और नमी से दीवारों में दीमक पनपने लगती हैं जो पूरे घर को नुकसान पहुंचाती हैं।
घर में कंसेडेशन की समस्या हो तो क्या करें?
घर में अगर नमी बाहरी दीवारों पर है और इसका कारण घर की नम हवा है जो ज्यादातर वेटिलेशन की कमी से होता है।
- घर में ह्यूमिडिफायर लगवाएं
- एक्जास्ट फैन लगवाएं
- खाना बनाते वक्त घर की खिड़कियों को खोलकर रखें।
- घर में वेंटिलेशन बनाकर रखने की कोशिश करें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन