घर बैठे बीपी की मशीन से नसों का ब्लॉकेज चेक करने का तरीका, दिल के डॉक्टर ने किया शेयर cardio doctor share how to check arteries blockage at home with blood pressure machine to reduce heart attack risk, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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घर बैठे बीपी की मशीन से नसों का ब्लॉकेज चेक करने का तरीका, दिल के डॉक्टर ने किया शेयर

ABI Test at Home: सिंपल ब्लड प्रेशर की मशीन से नसों में हो रही ब्लॉकेज का पता चल सकता है वो भी घर बैठे। कॉर्डियो से जुड़े एक डॉक्टर ने शेयर किया है कि कैसे आप घर पर एबीआई टेस्ट को करके रीडिंग समझ सकते हैं।

Sat, 2 May 2026 02:05 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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घर बैठे बीपी की मशीन से नसों का ब्लॉकेज चेक करने का तरीका, दिल के डॉक्टर ने किया शेयर

नसों की ब्लॉकेज हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकती है। ज्यादातर लोगों को इस ब्लॉकेज के बारे में पता ही नहीं चलता और जब स्थिति खराब होती है और डॉक्टर के पास जाकर टेस्ट कराने पर ही पता चलता है। बॉडी में मौजूद वेसल्स में अगर ब्लॉकेज है तो इसका मतलब है कि खून की सप्लाई रुक-रुक कर हो रही। जिसकी वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा रहता है। समय रहते हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे खतरे से बचना है तो इन ब्लॉकेज का पता लगाना जरूरी है। आमतौर पर लोग बिना परेशानी के डॉक्टर के पास जाकर टेस्ट कराने से बचते हैं। ऐसे में ब्लड प्रेशर की मशीन से नसों की ब्लॉकेज चेक करने का ये तरीका आपकी मदद कर सकता है। जिसे डॉक्टर राजवीर, जो कॉर्डियोपल्मनरी थेरेपिस्ट हैं, ने शेयर किया है। ब्लड प्रेशर नापने वाली मशीन तो ज्यादातर घरों में रहती है। उससे बीपी भी कई बार नापा होगा। लेकिन अब इस बीपी की मशीन से आप नसों की ब्लॉकेज को भी चेक कर सकते हैं। तो जान लें डॉक्टर ने किस तरह ब्लॉकेज चेक करने का तरीका बताया है।

इस टेस्ट को एंकल ब्रेकियल इंडेक्स (ABI) बोलते हैं। इसे घर पर ही बड़े आराम से कर सकते हैं तो चलिए जानें डॉक्टर ने कैसे चेक करने का तरीका बताया है।

बीपी की मशीन से कैसे चेक करें नसों का ब्लॉकेज

नसों की ब्लॉकेज चेक करने का टेस्ट एंकल ब्रेकियल इंडेक्स (ABI) बोला जाता है। इसे घर पर बीपी की मशीन से भी किया जा सकता है। बस इसे चेक करने के लिए आपको पहले नॉर्मल बाजू में मशीन सेट करके ब्लड प्रेशर को मापना है। फिर मशीन को अपनी एंकल यानी टखना जहां पर पैर का पंजा और टांग जुड़ती है, पर लगाना है और वहां का ब्लड प्रेशर चेक करना है।

फिर दोनों जगह के सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर यानी ऊपर ज्यादा नंबर वाले को लेना है। जैसे 120/80 में 120 वाला नंबर लेंगे। इसी तरह से पैरों का भी ब्लड प्रेशर लेंगे।

अब पैर के एंकल वाले बीपी को ऊपर रखेंगे और उसे बाजु वाले ब्लड प्रेशर से डिवाइड करेंगे। डिवाइड के बाद आने वाली रीडिंग से समझेंगे कि नसों में ब्लॉकेज की क्या स्थिति है।

  • जैसे 0.9 से कम नंबर आया है तो इसका मतलब है नसों में ब्लॉकेज का रिस्क है।
  • वहीं अगर ये रीडिंग 1.4 से ज्यादा है तो ये संकेत है कि नसों का लचीलापन खत्म हो चुका है और वो बिल्कुल स्टिफ हो गई हैं।
  • अगर नसों में ब्लॉकेज नहीं है और नसें बिल्कुल नॉर्मल होंगी तो ये रीडिंग 1 के आसपास होनी चाहिए।
  • बहुत ज्यादा ऊपर या बहुत ज्यादा नीचे रीडिंग होने पर आपको डॉक्टर के पास टेस्ट और जरूर चेकअप के लिए जाना चाहिए।

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