28 के बाद महिलाएं फॉलो करें ये नाइट रूटीन, नहीं होगी हार्मोनल समस्या
3 Minute Night Routine For Women: अगर आपकी उम्र 28 साल से ऊपर हो रही है तो अपने रूटीन में बैरियाट्रिक सर्जन के बताए ये 3 मिनट नाइट रूटीन को फॉलो करना शुरू कर दें। हार्मोंस से जुड़ी दिक्कतों से मिलने लगेगा छुटकारा।

28 से 30 साल की उम्र पार करने के बाद ज्यादातर महिलाओं को हार्मोंस से जुड़ी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। जिन्हें अक्सर लेडीज इग्नोर करती हैं। दरअसल, छोटी लगने वाली ये समस्याएं हार्मोन इंबैलेंस की शुरुआत होती है। जो समय पर ठीक ना करने पर दिन पर दिन बढ़ती जाती है। बैरयाटिक और मेटाबॉलिक सर्जन डॉक्टर आशीष गौतम ने बताया कि अगर ये समस्याएं दिख रहीं तो इग्नोर करने की बजाय फौरन इस नाइट रूटीन को फॉलो करना शुरू कर दें।
- अगर बिना वजह के मूड स्विंग हो रहा।
- बेली फैट बढ़ रहा जो आसानी से जा नहीं रहा।
- मेटाबॉलिज्म स्लो हो गया है
- बॉडी में लो एनर्जी फील हो रही
- बाल दिन पर दिन पतले दिख रहे हैं
- स्किन में डलनेस नजर आ रही
अगर ये समस्याएं दिखना शुरू हो रही तो ये आपके उम्र बढ़ने का असर नहीं होती बल्कि ये आपके हार्मोंस होते हैं। जो अक्सर कार्टिसोल, इंसुलिन, मेलाटोनिन के डिस्टर्ब होने की वजह से होते हैं। इन हार्मोंस को फिक्स करने के लिए किसी सप्लीमेंट्स को लेने की बजाय रोबोटिक सर्जन के बताए इस नाइट टाइम रूटीन को फॉलो करें।
सोने के पहले करें ये 4 काम
स्क्रीन को कहें बॉय
रोजाना रात को 9 बजे स्क्रीन टाइम खत्म कर दें। मोबाइल, लैपटॉप, टीवी को पूरी तरह से बंद कर दें। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है। जबकि मेलाटोनिन हार्मोन इंसुलिन, भूख, क्रेविंग, फैट स्टोरेज और मूड को रेगुलेट करता है। इसलिए घर की लाइट्स को डिम कर दें,फोन और कम्प्यूटर को बंद कर दें और किसी भी किताब के कुछ पन्नों को पढ़ें। जो माइंड को शांत करे।
जब मेलाटोनिन और कार्टिसोल बैलेंस होगा तो गहरी नींद आने के साथ फैट मेटाबॉलिज्म बेहतर होगा।
हल्की मसाज करें
दो मिनट की हल्की मसाज पैरों को दें। साथ ही पेट के निचले हिस्से पर हल्की मसाज करें। ऐसा करने से रिपेयर होने के लिए सिग्नल मिलता है। रोजाना सेल्फ मसाज करने के से
कार्टिसोल लेवल कम होता है
ब्लोटिंग कम होती है
गट में ब्लड फ्लो बढ़ता है
स्लीप क्वालिटी बढ़ती है
हेल्दी नाइट ड्रिंक
मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के साथ बॉडी को रिलैक्स करने के लिए किसी भी हेल्दी नाइट ड्रिंक को पिएं।
गर्म दूध में हल्दी
या
अश्वगंधा हर्बल टी
ये नाइट ड्रिंक इंसुलिन को स्थिर करते हैं, क्रेविंग को कम करते हैं और रेस्टोरेटिव स्लीप को बढ़ाते हैं।
10:30 बजे सो जाएं
चौथा और आखिरी रूटीन जिसे हर हाल में फॉलो करना चाहिए। डॉक्टर ने बताया कि साढ़े दस बजे जरूर सो जाएं। क्योंकि, 10 से 2 बजे के बीच लीवर एस्ट्रोजन, इंसुलिन को प्रोसेस करता है। लेट नाइट सोने से बेली फैट, वाटर रिटेंशन, प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम, एक्ने, मेटाबॉलिज्म स्लो होता है।
नोट- डॉक्टर आशीष गौतम बैरियाट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जन के तौर पर मैक्स हास्पिटल पटपड़गंज में सीनियर डायरेक्टर है। लोगों को जागरुक करने के लिए सोशल मीडिया पेज पर वेट लॉस और हेल्थ से जुड़े पोस्ट शेयर करते रहते हैं। यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के लिए है। किसी डॉक्टरी सलाह या दवा को इससे रिप्लेस ना करें। किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर इलाज करें। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया का यूजर जनरेटेड कॉन्टेंट है। लाइव हिन्दुस्तान.कॉम ने इन दावों को स्वतंत्र रूप से वेरिफाई करके नहीं देखा है।
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