आलिया भट्ट के न्यूट्रिशनिस्ट की चेतावनी, जानें क्यों फ्रूट जूस को बताया सेहत के लिए जहर
आलिया भट्ट के न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर डॉ. सिद्धांत भार्गव की चेतावनी आपको हैरान कर सकती है। जी हां, डॉक्टर सिद्धांत भार्गव, फलों की जगह फलों से निकाले हुए जूस या बाजार में मिलने वाले रेडीमेड पैक्ड जूस को सेहत के लिए मीठा जहर मानते हैं।

रोजाना एक फल का सेवन आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में मदद करता है। दरअसल, फलों में विटामिन (जैसे C, A, फोलेट), खनिज (पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन), फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, और एंटीऑक्सीडेंट जैसे फाइटोकेमिकल्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य, रक्तचाप नियंत्रण, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। लेकिन कई बार बिजी लाइफस्टाइल या अपनी व्यक्तिगत पसंद के कारण भी कुछ लोग फलों की जगह उनका जूस निकालकर पीना ज्यादा पसंद करते हैं। हो सकता है आप सोच रहे हों, तो भला इसमें हर्ज ही क्या है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आलिया भट्ट के न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर डॉ. सिद्धांत भार्गव की चेतावनी आपको हैरान कर सकती है। जी हां, डॉक्टर सिद्धांत भार्गव, फलों की जगह फलों से निकाले हुए जूस या बाजार में मिलने वाले रेडीमेड पैक्ड जूस को सेहत के लिए मीठा जहर मानते हैं।
डॉ. भार्गव ने अपने एक इंस्टाग्राम वीडियो पोस्ट में बताया है कि फलों का जूस आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा क्यों नहीं है। भार्गव कहते हैं कि ये फ्रूट जूस शरीर में केवल चीनी की मात्रा ही बढ़ाते हैं। बता दें, डॉ. भार्गव आलिया भट्ट, अनन्या पांडे और सारा अली खान जैसी फेमस अभिनेत्रियों के डाइट कोच रह चुके हैं।
फलों का जूस सेहत के लिए क्यों हानिकारक है?
पोषण विशेषज्ञ सिद्धांत भार्गव की मानें तो फ्रूट जूस फाइबर, विटामिन और खनिजों के बिना चीनी के पानी के अलावा कुछ नहीं हैं। सिद्धांत कहते हैं कि ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि फलों का जूस भी सेहत के लिए फल खाने जितना ही हेल्दी होगा। लेकिन यह सिर्फ उनका मिथक है, फ्रूट जूस सिर्फ रंगीन, मीठे पानी के अलावा और कुछ नहीं होता। हो सकता है यह बात सुनकर आपके मन को भी एक सवाल परेशान करें कि अगर फल हेल्दी हैं तो उसका जूस हेल्दी कैसे नहीं है तो आइए इसका जवाब भी पोषण विशेषज्ञ सिद्धांत भार्गव ने अपनी इस पोस्ट में बड़े ही मजेदार अंदाज में दिया है।
फलों में मौजूद फाइबर क्यों होता है फायदेमंद
पोषण विशेषज्ञ सिद्धांत भार्गव कहते हैं कि साबुत फलों में ऐसे विटामिन और खनिज होते हैं जो आपको कहीं और नहीं मिलेंगे। फलों में मौजूद फाइबर, फलों में मौजूद शुगर को आपके खून में तुरंत अवशोषित होने से रोकता है, जिससे इंसुलिन का स्तर बढ़ता है और फल आपको स्वस्थ बनाए रखते हैं। लेकिन जब जूस निकाला जाता है, तो फाइबर अलग हो जाता है। इसके अलावा, जूस निकालने की प्रक्रिया में ज्यादा हीट होने की वजह से विटामिन और मिनरल भी नष्ट हो जाते हैं और सिर्फ मीठा पानी ही बचता है। इसलिए अगली बार जूस की जगह बाजार से फल खरीदकर खाएं।
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