चावल या पुलाव में पानी हो गया ज्यादा तो गीले चावलों को सुखाने का ये ट्रिक कर लें नोट
Cooking hacks: चावल या पुलाव तभी अच्छे लगते हैं जब वो बिल्कुल खिले-खिले बनकर तैयार हों। एक-एक दाना अगर अलग ना होगा तो पुलाव का मजा खराब हो जाता है। काफी सारी महिलाओं से अक्सर चावल में पानी ज्यादा हो जाता है। इसे कम करने का ये आसान तरीका जरूर नोट कर के रख लें।

चावल हो या फिर पुलाव, इसे खाने का मजा तो तभी होता है जब ये बिल्कुल खिले-खिले बने हों। चावल का एक-एक दाना अलग होगा तो स्वाद भी डबल हो जाएगा। लेकिन काफी सारी महिलाओं को इस खिले चावल बनाने में मुश्किल होती है। कई लोगों से तो चावल में पानी ही ज्यादा पड़ जाता है। जिसकी वजह से चावल चिपके हुए बनते हैं और पुलाव खिचड़ी की तरह बन जाता है। लेकिन इस एक ट्रिक को अगर नोट कर लिया तो कभी भी पुलाव चिपकेगा नहीं और हर दाना खिला-खिला बनकर तैयार होगा।
नोट कर लें गीले चावलों को सुखाने का आसान सा हैक
चावल पकाते समय या फिर कई बार पुलाव बनाते वक्त पानी ज्यादा हो जाता है। जिसकी वजह से चावल बिल्कुल गीले बनते हैं। यहां तक कि पुलाव में अगर पानी ज्यादा हो गया तो वो खिचड़ी का रूप ले लेता है। अगर आप के साथ भी कभी ऐसा हो जाए तो बस इन ट्रिक्स को अपनाएं। चावल का गीलापन खत्म हो जाएगा और हर दाना खिला-खिला नजर आएगा।
ब्रेड को चावलों के ऊपर रखें
पके चावलों में पानी ज्यादा हो गया है और चावल चिपचिपे बन रहे तो फौरन गैस को धीमा करें और दो स्लाइस ब्रेड की चावलों के ऊपर रखकर ढक्कन से ढंक दें। पांच मिनट बाद करछी की मदद से ब्रेड की स्लाइस को हटा दें। और गैस की फ्लेम को बंद कर दें। चावल बिल्कुल खिले हुए दिखने लगेंगे।
चावलों को कपड़े पर फैलाएं
अगर चावल किसी भगोने में या खुले बर्तन में बना रही हैं और पानी ज्यादा हो गया है तो किसी कॉटन के कपड़े में चावलों को पलटकर हल्के हाथ से निचोड़ दें। फिर कपड़े को फैलाकर रखें और उस पर चावलों को फैला दें। हल्का ठंडा होने के साथ ही चावल खिले-खिले नजर आएंगे।

चावल को धीमे फ्लेम पर ना पकाएं
चावल को अच्छी तरह से पकाने के चक्कर में लोग धीमे फ्लेम पर पकाते हैं। ऐसा बिल्कुल ना करें। धीमी फ्लेम पर चावल ज्यादा पककर आपस में चिपक जाते हैं। हमेशा तेज फ्लेम पर ही चावलों को पकाएं। इससे पानी तेजी से सूखेगा और चावल खिले हुए बनकर रेडी होंगे।
नये चावल और पुराने चावल
चावल या पुलाव को बनाते समय चावल की क्वालिटी का भी ध्यान रखना जरूरी है। जैसे कि नये चावल अक्सर पानी नहीं सोखते हैं और वो आपस में चिपके हुए ही बनकर तैयार होते हैं। वहीं पुराने चावल जो सालभर से भी ज्यादा वक्त से रखे हुए होते हैं वो अक्सर कम पानी सोखते हैं और उन्हें पकाने के लिए कम पानी की जरूरत होती है। इसके लिए हमेशा चावल की मात्रा को नापकर ही पानी डालना चाहिए।
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