who is vaidyanath ram going to rajyasabha in place of shibu soren hemant soren कौन हैं वैद्यनाथ राम जिन्हें शिबू सोरेन की जगह राज्यसभा भेज रही JMM, समझें इसके राजनीतिक मायने, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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कौन हैं वैद्यनाथ राम जिन्हें शिबू सोरेन की जगह राज्यसभा भेज रही JMM, समझें इसके राजनीतिक मायने

जेएमएम और कांग्रेस के बीच राज्यसभा सीट को लेकर चल रही खींचतान पर विराम लग गया है। दो राज्यसभा सीटों में दोनों ही पार्टियां एक-एक सीटों पर मान गई हैं। अब जेएमएम ने शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट पर अनुसूचित जाति से आने वाले वैद्यनाथ राम को अपना प्रत्याशी बनाया है।

Sun, 7 June 2026 11:38 AMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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कौन हैं वैद्यनाथ राम जिन्हें शिबू सोरेन की जगह राज्यसभा भेज रही JMM, समझें इसके राजनीतिक मायने

बीते कुछ दिनों से कांग्रेस और जेएमएम के बीच एक राज्यसभा सीट के लिए खींचतान चल रही थी। अब इस मामले में फैसला हो चुका है। एक सीट जेएमएम के हिस्से आई है और दूसरी कांग्रेस के हिस्से। जेएमएम ने वैद्यनाथ राम को अपना प्रत्याशी गोषित किया है, वहीं कांग्रेस ने प्रणव झा को अपना राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। आइए जानते हैं कि आखिर वैद्यनाथ राम कौन हैं, जिन्हें जेएमएम शिबू सोरेन की जगह राज्यसभा भेजने जा रही है।

कौन हैं वैद्यनाथ राम

जेएमएम के राज्यसभा सांसद प्रत्याशी वैद्यनाथ राम झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं। राम लातेहार विधानसभा सीट से 3 बार के विधायक रह चुके हैं। इससे पहले वो झारखंड सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। अनुसूचित जाति से आने वाले वैद्यनाथ राम को प्रत्यशी घोषित कर जेएमएम ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। आइए जानते हैं इसका जेएमएम को क्या फायदा मिल सकता है।

झामुमो से बैद्यनाथ को प्रत्याशी बनाने के मायने

बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाकर झामुमो ने न केवल अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं, बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी मजबूती देने का संदेश दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ राज्यसभा चुनाव में मिलेगा। गुरुजी शिबू सोरेन के बाद रिक्त हुई सीट दलित वर्ग से आने वाले बैद्यनाथ राम को देने का फैसला करके हेमंत ने आदिवासी के साथ -साथ दलित वर्ग को संदेश दिया है। यही नहीं पलामू प्रमंडल से झारखंड बनने के बाद पहली बार किसी दलित को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है।

बैद्यनाथ राम सदन में बनेंगे झारखंड की आवाज: हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की जनता के संघर्षों, आकांक्षाओं और सामाजिक न्याय की आवाज़ को सदन में और मज़बूती देने के लिए गठबंधन ने पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को झामुमो प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।

सीएम ने कहा कि बैद्यनाथ राम की सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता तथा वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष उन्हें इस दायित्व लिए उपयुक्त बनाता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि वे राज्यसभा में झारखंड की जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाएंगे तथा राज्य के हितों और अधिकारों की प्रभावी पैरवी करेंगे।

झामुमो का बड़ा संदेश, एक कदम पीछे खींच तीन साध्य

पिछले 48 घंटे तक झामुमो में दोनों सीटों पर दावा करने की आवाजें बुलंद थीं। मंत्री योगेंद्र प्रसाद, हफीजुल हसन व कई विधायक खुलकर कह रहे थे कि 34 विधायकों वाली सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते दोनों सीटों पर पहला अधिकार झामुमो का है। लेकिन शनिवार को झामुमो अध्यक्ष हेमंत सारेन ने केवल एक उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक परिपक्वता और गठबंधन धर्म दोनों का संदेश देने की कोशिश की। राजनीतिक हलकों में इसे दलित प्रतिनिधित्व और पलामू प्रमंडल को साधने की हेमंत सोरेन की परिपक्व रणनीति भी मानी जा रही है।

हेमंत के तीन साघ्य क्या

1. गठबंधन में झामुमो सबसे बड़ी पार्टी। एक उम्मीदवार देकर हेमंत ने सभी को राजनीतिक परिपक्वता दिखाई।

2. गठबंधन धर्म निभाया, जबकि पार्टी के कई नेताओं का दोनों सीटों पर प्रत्याशी देने का दबाव था।

3. दलित प्रतिनिधित्व और पलामू प्रमंडल को साधने की कोशिश की।