मुरी-चांडिल रूट पर ट्रेनें 160 की गति से दौड़ेंगी, रांची-टाटा यात्रा में बचेंगे 2 घंटे
मुरी-चांडिल लाइन पर भविष्य में रांची से चलने वाली ट्रेनें 120 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ेंगी। मुरी-चांडिल लाइन के 58 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण होगा इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

मुरी-चांडिल लाइन पर भविष्य में रांची से चलने वाली ट्रेनें 120 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ेंगी। मुरी-चांडिल लाइन के 58 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण होगा इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए 847-890 करोड़ रुपये के डीपीआर की अंतिम रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट के लिए राशि आवंटित हो जाएगी। दोहरीकरण होने से रांची से टाटा की यात्रा में 45 मिनट से दो घंटे तक का समय बचेगा। अभी मेल-एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन में 166 किलोमीटर की दूरी तीन से पांच घंटे में पूरी होती है।
यह लाइन आगे जाकर बन रही थर्ड और फोर्थ लाइन से जुड़ जाएगी। इससे रांची-मुरी-चांडिल लाइन सीधे हावड़ा-मुंबई रेल नेटवर्क से भी कनेक्ट हो जाएगी। ट्रेनों की गतिविधियों में इफाजा होगा और आवागमन के कई वैकल्पिक ट्रेन की उपलब्धता संभव होगी। इसी परियोजना के तहत इल्लू से सिल्ली बाइपास बनाने का काम किया जाएगा। अभी मुरी में टाटा जाने लिए इंजन को मोड़ना पड़ता है।
मुरी-बरकाकाना लाइन के दोहरीकरण का डीपीआर भेजा
दूसरी ओर मुरी-बरकाकाना रेललाइन के दोहरीकरण के डीपीआर की अंतिम रिपोर्ट भी रेल मुख्यालय गई है। उम्मीद है कि इसे भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। यहां 60 किमी. लाइन का दोहरीकरण होगा। इसके निर्माण के लिए 853 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार हुआ है। यह लाइन भी दिल्ली लाइन से जुड़ जाएगी और ट्रेनों की गति बढ़ेगी।




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