second biggest operation after anaconda 2000 jawans search in saranda forest killed 21 naxal एनाकोंडा के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेशन, 2 हजार जवानों ने घेरा था जंगल; कैसे मार गिराए 21 नक्सली, Jharkhand Hindi News - Hindustan
More

एनाकोंडा के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेशन, 2 हजार जवानों ने घेरा था जंगल; कैसे मार गिराए 21 नक्सली

झारखंड के सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ वर्ष 2011 में ऑपरेशन एनाकोंडा चलाया गया था। एनाकोंडा के 15 साल बाद एक बार फिर नक्सलियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट शुरू किया गया है। 60-65 नक्सली अभी भी मौजूद हैं।

Sat, 24 Jan 2026 01:09 PMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, प. सिंहभूम
share
एनाकोंडा के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेशन, 2 हजार जवानों ने घेरा था जंगल; कैसे मार गिराए 21 नक्सली

झारखंड के सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ वर्ष 2011 में ऑपरेशन एनाकोंडा चलाया गया था। एनाकोंडा के 15 साल बाद एक बार फिर नक्सलियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट शुरू किया गया है। ऑपरेशन एनाकोंडा में करीब दो हजार से अधिक जवान शामिल थे। वहीं, वर्तमान में ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में सीआरपीएफ की कई बटालियन के अलावा झारखंड जगुआर, जिला पुलिस के अलावा कोबरा के जवान भी हैं। कोबरा 209 का हेडक्वार्टर खूंटी में है और कोबरा बटालियन की कई कंपनियां पश्चिम सिंहभूम में हैं। इस बार देश के विभिन्न इलाकों से जवानों और अधिकारियों को तैनात किया गया है। ऑपरेशन में तीन हजार से भी अधिक जवानों को शामिल किया गया है।

शुक्रवार को मुठभेड़ की सूचना मिलते ही कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी अमित रेणु, मनोहरपुर डीएसपी जयदीप लकड़ा, किरीबुरू डीएसपी अजय केरकेट्टा, किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित सिंह, नोवामुंडी थाना प्रभारी नयन सिंह, मनोहरपुर थाना प्रभारी अम्मीएल एक्का, आनंदपुर थाना प्रिंस झा, किरीबुरू महिला थाना प्रभारी अनीता कुमारी, नोवामुंडी महिला थाना प्रभारी पूर्णिमा कुमारी, जमदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव, गुवा थाना प्रभारी नितीश सिंह समेत छोटानागरा थाना प्रभारी और कई थानों के प्रभारी मौके पर पहुंचे और घटना के बाद मोर्चा संभाल लिया।

ये भी पढ़ें-

दिन भर शव निकालने की कवायद

गुरुवार को मुठभेड़ में मारे गए 15 नक्सलियों का शव निकालने के लिए शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के रूप में मनोहरपुर बीडीओ शक्ति कुंज, सीओ प्रदीप कुमार, आनंदपुर बीडीओ नाजिया अफरोज, नोवामुंडी बीडीओ पप्पू रजक, जगन्नाथपुर सीओ मनोज मिश्रा, गोईलकेरा बीडीओ विवेक कुमार, सोनुवा बीडीओ सोमनाथ उरांव समेत कई अधिकारियों को मजिस्ट्रेट बना किरीबुरू रवाना किया गया था।

सभी अधिकारी सुबह करीब दस बजे किरीबुरू के शेडल चौक पहुंचे, जहां जंगल में मुठभेड़ की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने उन्हें वहीं पर रोक दिया। इसके बाद दिन भर सभी अधिकारी शेडल चौक पर डटे रहे। शाम को सभी अधिकारियों को सुरक्षाबलों द्वारा एरिया को पूरी तरह से नियंत्रण में लेने के बाद घटनास्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ले गए, जहां मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव बरामदगी की प्रक्रिया चल रही है।