Thousands Suffer Due to Poor Condition of Sosso-Sadma Road in Ranchi बोले रांची: शिलान्यास के दो साल बाद भी रोड की मरम्मत नहीं, Ranchi Hindi News - Hindustan
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बोले रांची: शिलान्यास के दो साल बाद भी रोड की मरम्मत नहीं

कांके विधानसभा क्षेत्र के सोसो-सदमा रोड की स्थिति बेहद खराब है, जिससे 25 गांवों के हजारों लोग परेशान हैं। 2024 में योजना के तहत सड़क मरम्मत का शिलान्यास हुआ था, लेकिन काम अधूरा पड़ा है। सड़क की स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Sat, 11 April 2026 01:58 AMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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बोले रांची: शिलान्यास के दो साल बाद भी रोड की मरम्मत नहीं

रांची, संवाददाता। कांके विधानसभा क्षेत्र के सोसो-सदमा रोड की बदहाल स्थिति से 25 गांव के हजारों लोग परेशान हैं। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 8.95 किलोमीटर सड़क का विशेष मरम्मत कार्य का शिलान्यास हुआ था, लेकिन आज तक काम अधूरा है। सड़क जर्जर होने के कारण प्रतिदिन 15 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। क्षेत्र में पानी, स्ट्रीट लाइट और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कांके विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सोसो-सदमा रोड, जो चरदी होते हुए ओरमांझी ब्लॉक सीमा तक जाती है, आज क्षेत्र के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है।

यह सड़क करीब 25 गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है और लगभग 15 हजार से अधिक लोग रोजाना इसका उपयोग करते हैं। एक गांव में करीब 5 हजार की आबादी रहती है। इस तरह पूरे क्षेत्र में खराब सड़क से एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। बावजूद इसके, सड़क की हालत इतनी खराब है कि लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सुतरपुर जाने वाले इस मुख्य मार्ग का 6 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सोसो से ओरमांझी ब्लॉक तक 8.95 किलोमीटर सड़क के विशेष मरम्मत कार्य का शिलान्यास किया गया था। इस मौके पर तत्कालीन सांसद और स्थानीय विधायक मौजूद थे। शिलान्यास के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही सड़क बन जाएगी, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद काम अधूरा पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जहां ओरमांझी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वहीं सोसो और चरदी क्षेत्र में कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे लोगों में भेदभाव की भावना भी पैदा हो रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। साथ ही रोड पर पत्थर और रोड़े छोड़ दिए गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है, जब सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ फैल जाती है। इस सड़क से होकर पीएम श्री गवर्मेंट अपग्रेटेड हाई स्कूल, कुम्हरिया के 600-700 छात्र-छात्राओं का रोजाना गुजरना होता है। खराब सड़क के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की भी भारी कमी है। रात के समय अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को डर के माहौल में रहना पड़ता है। वाहन चालाकों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो जाती है।इसके अलावा जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे सड़क की स्थिति और बिगड़ती जा रही है। वहीं, हर घर नल जल योजना भी यहां पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और बोरिंग भी फेल हो चुकी है। क्षेत्र में जलमीनार का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उसमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके कारण ग्रामीण आज भी कुआं और डोभा जैसे पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं का समाधान करे। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए।समस्याएं1. सोसो सदमा मुख्य सड़क की हालत खराब होने से आवागमन प्रभावित होती है।2. 2024 में शिलान्यास के बावजूद सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हुआ।3. हर घर नल जल योजना अधूरी, जलमीनार में पानी नहीं, लोग कुआं-डोभा पर निर्भर।4. स्ट्रीट लाइट की कमी, रात में अंधेरा, जिससे सुरक्षा और आवागमन में परेशानी।5. जल निकासी का अभाव, नाली नहीं होने से सड़क पर होता है जलजमावसुझाव1. सड़क निर्माण जल्द पूरा हो, अधूरे कार्य को प्राथमिकता देकर समय पर पूरा किया जाए2. जल निकासी की व्यवस्था हो सड़क के साथ नाली का निर्माण कर जलजमाव को रोका जाए3. पूरे क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए, जिससे रात में आवागमन सुगम हो4. जलमीनार में नियमित पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, गार्ड वायर लगाए जाएं5. हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था की जानी चाहिएकिसने क्या कहाकई साल से सड़क की समस्या झेल रहे हैं। 2024 में शिलान्यास हुआ तो लगा अब राहत मिलेगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। बारिश में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। मरीज को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है। सिर्फ आश्वासन मिलता है, काम नहीं दिखता।-नीरज जायसवालइस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग गाड़ी से आवागमन करते हैं, लेकिन गड्ढों और पत्थरों के कारण गाड़ी चलाना खतरे से खाली नहीं है। कई बार वाहन खराब हो जाता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर रात में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से और भी दिक्कत होती है। क्षेत्र में पानी को लेकर भी ग्रामीणाें को समस्या होती है।-बिरेंद्र महतोपानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता है। जलमीनार बना है, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। हमें कुएं और डोभा पर निर्भर रहना पड़ता है।-मिराजसरकार को सिर्फ शिलान्यास नहीं, बल्कि काम पूरा कराना चाहिए। हमलोगों को रोज कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है।-मो जुमाद्दीनबारिश के समय तो स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ से भर जाता है। सड़क की जल्द मरम्मत हो।-महेंद्र सिंहसरकार ने सड़क का शिलान्यास किया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया। इससे स्थानीयों में निराशा है। काम जल्द पूरा हो।-रंगनाथ रामपानी और सड़क दोनों की समस्या ने हमारा जीवन मुश्किल बना दिया है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में आवागमन मुश्किल है।-इयाज खानसड़क खराब होने से हमारी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। बाजार जाना, अस्पताल जाना सब मुश्किल हो गया है।-बैजनाथ पाहनव्यापार के लिए हमें रोज इस सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है। खराब सड़क के कारण माल लाने और ले जाने में दिक्कत होती है।-बैजनाथ कर्माकीसोसो-सदमा सड़क पर गाड़ी चलाना बहुत मुश्किल है। गड्ढों के कारण वाहन खराब हो जाता है। कई बार दुर्घटना भी हो जाती है।-मो फिरोज मलिक

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