बोले रांची: समाज के उत्थान के लिए तेलघानी बोर्ड गठित हो
झारखंड में तेली समाज की आबादी लगभग 52 लाख है, लेकिन समाज की स्थिति बिगड़ रही है। तेलघानी बोर्ड के गठन की मांग की गई है, जिससे पारंपरिक रोजगार सुरक्षित होंगे, युवाओं को रोजगार मिलेगा और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। समाज की राजनीतिक भागीदारी शून्य है, जिससे कई योजनाएं भी लागू नहीं हो पा रही हैं।

रांची, संवाददाता। हिन्दुस्तान की ओर से गुरुवार को तेली समाज के राज्य भर से आए प्रतिनिधियों के साथ बोले रांची कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने कहा कि झारखंड में तेली समाज की कुल आबादी लगभग 52 लाख से अधिक है। लेकिन, राजनीति में प्रतिनिधित्व नहीं है। राज्य को गठित हुए 25 वर्ष में भी तेलघानी बोर्ड का गठन नहीं किया गया है। अन्य राज्यों में तेली समाज को विकास के साथ जोड़ने के लिए तेलघानी बोर्ड का गठन किया गया है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि तेलघानी बोर्ड के गठन से समाज के पारंपरिक स्वरोजगार के धरोहर संरक्षित होंगे।
खाद्य तेलों से जुड़े कई प्रकार के उद्योग स्थापित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार का सृजन होगा। महिलाएं भी स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगी। स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही झारखंड में तेली समाज की आबादी लगभग 52 लाख से अधिक है, लेकिन समाज की स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है। समाज के लोगों ने बताया कि तेली जाति भारतीय समाज में वह समुदाय है, जिसकी ऐतिहासिक पहचान उद्योग, व्यापार और उत्पादन आधारित जीवनशैली से जुड़ी हुई है। यह समाज अपने पारंपरिक व स्वरोजगार के व्यापार से परंपरागत रूप से जुड़े हुए हैं। भारत में आगे बढ़ाने का काम किया समाज के लोगों ने बताया कि भारत में परंपरागत रूप से तेल निकालने का काम, खाद्यान्न व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, लघु उद्योग व बाजार अर्थव्यवस्था में तेली समाज की पहचान काफी पहले से चली आ रही है। समाज के लोगों का कहना है कि हम खेत से खाद्य पदार्थ को उद्योग की प्रक्रिया में बदलने तक की भूमिका निभाते है। समाज के लोगों का उद्योग जगत की क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज को उद्योग की जननी भी कहा जाता है। भारत में व्यापार और उद्योग की संस्कृति का बीज बोने का काम तेली समाज ने शुरू किया था। तेली समाज ने ही उत्पादन आधारित उद्योग की नींव को भारत में आगे बढ़ाने का काम किया है। तेल से जुड़े सभी कार्यों में समाज का अहम योगदान रहा है। अनाज बीज घानी आधारित प्रसंस्करण, तिलहन फसलों को कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने के सभी कार्य समाज के लोग ने किया है। तेली समाज के उत्थान के लिए तेलघानी बोर्ड का गठन किया जाए तेली समाज के लोगों की मांग है कि राज्य सरकार समाज के उत्थान के लिए राज्य में जल्द से जल्द तेलघानी बोर्ड का गठन करे। यह एक सरकारी निकाय है, जिसका गठन तेली समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक तेलघानी के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना, समुदाय की समस्याओं की पहचान करना और राज्य सरकार को सुझाव देना है। यह पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देने और संबंधित समुदायों के उत्थान के लिए नीतियां भी बनाता है। बोर्ड का मुख्य कार्य समाज के विकास के लिए योजना बनाना, समुदाय की जरूरत के हिसाब से उनके लिए नई योजनाएं तैयार करना है, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार हो सके। साथ ही तेलघानी और पारंपरिक तेल निकालने के तरीकों को संरक्षित कर बढ़ावा देना है। समुदाय की सामने आने वाली समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान के लिए सरकार को सुझाव देना है। राजनीति के क्षेत्र में समाज की भागीदारी शून्य राज्य को उद्योग के क्षेत्र में आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में समाज का अहम योगदान रहा है। इसके बावजूद यह शक्ति झारखंड के राजनीति क्षेत्र में देखने को नहीं मिल पाती है। एक ओर सभी जगहों पर समानता की बात होती है, वहीं समाज के लोगों की राजनीति में शून्य भागीदारी अलग दृश्य प्रदर्शित करती है। इसका नुकसान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और आत्मसम्मान के स्तर पर भी दिखाई पड़ रहा है। इसलिए, राज्य में समाज के लोगों को सम्मानजनक भागीदारी मिलनी चाहिए। समस्याएं 1. राज्य में तेल घानी बोर्ड का गठन अबतक नहीं किया गया है। 2. रोजगार की कमी के कारण समाज और युवाओं की आर्थिक स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है। 3. तिलहन फसलों के लिए कृषि विभाग की ओर से किसी प्रकार का कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य का नहीं है। 4. तेली समाज का राजनीति में किसी प्रकार का प्रतिनिधित्व अब तक नहीं है। 5. समाज के युवाओं में रोजगार की काफी कमी है। सुझाव 1. झारखंड सरकार को जल्द से जल्द तेलघानी बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। 2. समाज के युवाओं को तेल से जुड़े पारंपरिक व स्वरोजगार से जल्द से जल्द जोड़ा जाए। 3. कृषि विभाग जल्द तिलहन फसलों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्यों से जोड़े। 4. तेली समाज के लोगों को राजनीति में आरक्षण के साथ प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाए। 5. समाज के लोगों को सरकारी योजनाओं में अवसर मिले। :: रखी अपनी बात :: झारखंड तेली समाज के लोगों का मुख्य कार्य खाद्य तेलों और तिलहनों से जुड़ा हुआ है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से आज तक समाज के लिए किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं दी गई है। झारखंड को छोड़कर राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे राज्यों में समाज के उत्थान के लिए तेलघानी बोर्ड का गठन किया गया है। -कुमार रोशन साहू झारखंड में लगभग 52 लाख से अधिक तेली सामाज की आबादी निवास करती है, लेकिन समाज के लोगों की राजनीति में उचित भागीदारी नहीं है। इस कारण सामाज से जुड़ी कई प्रकार की योजना नहीं बन पाती है। समाज की बातें भी आसानी से सरकार तक नहीं पहुंच पाती है। इसका नुकसान समाज के प्रत्येक सदस्यों को उठाना पड़ता है। -विजय साहू सरकार तेली सामाज के उत्थान हेतु अन्य राज्य की तर्ज पर जल्द से जल्द तेलघानी बोर्ड का गठन कराए, ताकि मुख्यधारा से जोड़ा जाए। -मूलचंद साहू समाज के लोगों का मुख्य कार्य तेलों से जुड़ा हुआ है। कृषि विभाग तिलहन फसलों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करे। -महेश महतो राज्य में तिलहन उत्पादन करने को लेकर सरकार किसी प्रकार की कोई योजना नहीं चला रही जिससे लोग अन्य व्यापार के पीछे चले जा रहे। -दिलीप साहू रोजगार व्यवस्था का अभाव होने से समाज के युवा बेरोजगार होते जा रहे हैं। इसका असर समाज की स्थिति पर भी पड़ रहा है। -ललित नारायण साहू झारखंड में लगभग 52 लाभ के करीब तेली समाज के लोग निवास करते हैं, व राजनीति में किसी प्रकार का कोई प्रतिनिधित्व तक नहीं है। -भीम कुमार तेली समाज के लोगों का मुख्य कार्य तेलों से जुड़ा हुआ है, पर सरकार की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलने से व्यापार से दूर जा रहे। -मनोज कुमार लाल अन्य राज्य की तर्ज पर झारखंड में भी तेल घानी बोर्ड का गठन करे, जिससे युवाओं व महिला वर्गों को आसानी से रोजगार से जोड़ा जाए। -गुरु गोविंद साहू अगर तेली समाज के लोगों को रोजगार से जोड़ने का काम करती है तो किसानों, युवाओं के लिए रोजगार की कई नई संभावनाएं होंगी। -राम बिनेश प्रसाद सरसों, मूंगफली सोयाबीन जैसे तिलहन फसलों का व्यापक पैदावार होता है। तेलघानी बोर्ड के गठन से किसानों की आय में वृद्धि होगी। -अमित कुमार राज्य में तेलघानी के गठन होने से खाद्य तेलों की पैदावार में वृद्धि होगी। साथ ही इससे जुड़े किसानों को कई प्रकार का लाभ मिलेगा। -जगरनाथ साहू
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