बोले रांची: पाइप बिछे पर प्यास नहीं बुझी, खराब सड़कें व अंधेरी गलियां
रांची नगर निगम के वार्ड-36 के लोहरा टोली में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने निवासियों के जीवन को कठिन बना दिया है। पानी की भारी कमी, खराब सड़कें और बिजली की अनियमितता से लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों ने 'बोले रांची' कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए सरकार से सुधार की मांग की है।

रांची, संवाददाता। रांची नगर निगम के वार्ड-36 स्थित पुंदाग, लोहरा टोली की जमीनी हकीकत विकास के दावों के गाल पर तमाचा है। ‘हिन्दुस्तान’ के ‘बोले रांची’ कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों का दर्द गुस्से के रूप में फट पड़ा। सालों से बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहे लोगों ने दो टूक कहा कि वे नगर निगम के लिए केवल ‘टैक्स का जरिया’ बनकर रह गए हैं, जबकि बदले में उन्हें मिली हैं-कीचड़ से भरीं सड़कें, पानी-प्यास बुझाने की जद्दोजहद और असुरक्षा का माहौल। स्थिति यह है कि सूरज ढलते ही लोहरा टोली क्षेत्र में अंधेरा पसर जाता है। खराब स्ट्रीट लाइट के कारण सड़कें असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
जल संकट का आलम यह है कि एक-एक बूंद के लिए तीन किलोमीटर दूर नदी तक की दौड़ लगानी पड़ती है, लेकिन निगम के टैंकर यहां तक पहुंचने की जहमत नहीं उठाते। बुनियादी सुविधाओं की बदहाली रांची नगर निगम के वार्ड संख्या-36 के अंतर्गत आने वाले लोहरा टोली और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने स्थानीय निवासियों के जीवन को नारकीय बना दिया है। अरगोड़ा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित सैकड़ों की आबादी वाली इस बस्ती में सबसे विकराल समस्या पेयजल की है। यहां पाइपलाइन तो बिछी है, लेकिन सप्लाई अनियमित होने के कारण नल सूखे रहते हैं। क्षेत्र के लोग पूरी तरह एक सरकारी बोरिंग पर आश्रित हैं। वहां लगे चापानल भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। हिन्दुस्तान के ‘बोले रांची’ कार्यक्रम में शामिल हुए स्थानीय निवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ‘हर घर नल योजना’ के तहत तीन साल पहले पाइप बिछाए गए थे, लेकिन उनमें आज तक पानी की एक बूंद नहीं टपकी। गर्मी के दिनों में कुएं सूख जाने के कारण महिलाओं को कपड़े धोने के लिए तीन किलोमीटर दूर नदी तक जाना पड़ता है, जिससे समय और श्रम की भारी बर्बादी हो रही है। लोगों का कहना है कि सरकार की जलापूर्ति योजनाएं यहां पूरी तरह कागजी साबित हो रही हैं। तकनीकी खामियों के कारण बार-बार बिजली गुल रहती है क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। बिजली के पोल और तार तो मौजूद हैं, लेकिन जर्जर व्यवस्था और तकनीकी खामियों के कारण बार-बार बिजली गुल रहती है। वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव (फ्लक्चुएशन) की वजह से लोगों के कीमती बिजली उपकरण जल रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से रात के समय पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी रहती है। कई लाइटें महीनों से बंद हैं, तो कुछ दिन-रात जलती रहती हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र में चोरी और छिनतई की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों में असुरक्षा का माहौल है। नगर निगम की निरंतर अनदेखी के कारण लोग अपने स्तर पर सुरक्षा और रोशनी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। सफाई और जलनिकासी की स्थिति भी बदतर हो चुकी है। नालियों का निर्माण सही तरीके से नहीं होने के कारण पानी की निकासी ठप है, जिससे बरसात का गंदा पानी सड़कों पर जमा होने के साथ-साथ लोगों के घरों में घुसने लगता है। कचरा उठाव की व्यवस्था पूरी तरह ठप कचरा उठाव की व्यवस्था भी पूरी तरह ठप है। कचरा संग्रहण वाहन नियमित नहीं आते, जिसके कारण लोग सड़कों पर ही कूड़ा फेंकने को विवश हैं। इससे उठने वाली दुर्गंध और पनपते मच्छरों के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, सड़कों की जर्जर हालत ने आवागमन को भी जोखिम भरा बना दिया है। गड्ढों और कीचड़ के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, और विभाग द्वारा की जाने वाली पैचवर्क मरम्मती पहली बारिश में ही बह जाती है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए लोहरा टोली के निवासियों ने हिन्दुस्तान के ‘बोले रांची’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकार से मांग की है कि जल्द सुधार के लिए पहल हो। क्षेत्र में एक मोहल्ला क्लिनिक भी खोला जाए, ताकि मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल का रुख न करना पड़े और दवाएं भी स्थानीय स्तर पर सुलभ हों। समस्याएं 1. बिजली कटौती और वोल्टेज समस्या, बार-बार बिजली गुल होने से दैनिक जीवन प्रभावित 2. एक सरकारी बोरिंग के सहारे लोहरा टोली के सैंकड़ों लोग, सप्लाई पानी अबतक नहीं 3. सड़क की हालत जर्जर, पक्की नाली की नहीं है व्यवस्था, क्षेत्र में जलजमाव की समस्या आम 4. क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का लगा रहता है जमावड़ा, आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ीं 5. हर घर से कचरा उठाव नहीं, सड़क में पसरा रहता है कचरा, क्षेत्र में गंदगी का है आलम सुझाव 1. अप्रोच सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, साथ ही पक्की नाली का निर्माण हो 2. ’हर घर नल जल योजना’ को जल्द शुरू किया जाए, खराब चापानल को ठीक कराया जाए 3. मोहल्ले में सरकारी मोहल्ला क्लिनिक का निर्माण हो, जहां नि:शुल्क दवा भी मिले 4. बिजली के पोल पर लटके तारों को निगम व्यवस्थित कराए, स्ट्रीट लाइट भी बेहतर हो 5. कचरा प्रबंधन बेहतर हो, क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ाईं जाएं :: रखीं समस्याएं :: पिछले कई वर्षों से लोहरा टोली में रह रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। पानी सबसे बड़ी समस्या है। ‘हर घर नल योजना’ के नाम पर पाइप तो बिछा दिया गया, लेकिन आज तक पानी नहीं आया। एक सरकारी बोरिंग पर पूरा मोहल्ला निर्भर है, वह भी अक्सर खराब रहता है। सड़क और नाली नहीं होने से बरसात में घरों में पानी प्रवेश कर जाता है। -विकाश मुंडा महिलाओं के लिए यहां रहना बहुत मुश्किल हो गया है। पानी लाने के लिए रोज दूर जाना पड़ता है। कई बार रात में भी पानी भरना पड़ता है, जिससे डर लगता है, क्योंकि गलियों में अंधेरा छाया रहता है। स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब है। सफाई नहीं होने से मच्छर बहुत बढ़ गए हैं, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। नगर निगम केवल कागजों में काम करता है, जमीन पर कुछ नहीं दिखता। -संतोष नायक बेरोजगारी के साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सड़कें इतनी खराब हैं कि आवागमन मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र में पानी कि समस्या है। -मिथुन नायक शाम के बाद अंधेरे की वजह से असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। पुलिस गश्त भी नहीं होती। लाइट ठीक होने से अपराध कम होंगे। -महावीर लोहरा सड़क और नाली नहीं होने से फिसलने का डर बना रहता है। बरसात में गंदा पानी घरों में घुस जाता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। -बसंत कुमार महतो सड़क खराब व लाईट नहीं होने से सामान लाने ले, जाने में दिक्कत होती है। रात में अंधेरे के कारण बाहर निकलने में डर लगता है। -रंथु लोहरा क्षेत्र में सफाई नहीं होने से बदबू फैली रहती है। कचरा उठाव नियमित हो और पानी की सप्लाई शुरू हो, जिससे पानी कि समस्या से निजात मिले। -सुरैया देवी क्षेत्र में सरकारी क्लिनिक नहीं है, इलाज के लिए सदर अस्पताल जाना पड़ता है। सरकार को मोहल्ला क्लिनिक जरूर खोलना चाहिए। -सोहराय नायक क्षेत्र में जलजमाव के कारण लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। नगर निगम टैक्स तो लेता है, लेकिन सुविधाएं नहीं देता। -चिंता देवी
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