बोले रांची: बसे हुए 25 वर्ष बीत चुके, आज तक सड़क और नाली नहीं बनी
रांची के गितिल कोचा रोड नंबर-10 के स्थानीय लोग 25 वर्षों से सड़क, पेयजल, और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। बारिश के दौरान सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से समस्या समाधान की मांग की है।

रांची, संवाददाता। शहर के वार्ड नंबर 10 कोकर स्थित गितिल कोचा रोड नंबर-10 के स्थानीय लोग मुहल्ले में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने के कारण परेशान हैं। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। कहा कि इलाके में न स्ट्रीट लाइट है और न ही पेयजल की व्यवस्था। 25 वर्ष मुहल्ले को बसे हुए हैं, लेकिन आज तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं किया गया है। बारिश होने की वजह से पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिस कारण आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने के कारण शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया गया शहर के वार्ड नंबर दस स्थित गितिल कोचा रोड नंबर 10 में सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। पक्की सड़क का निर्माण यहां नहीं किया गया है। मुहल्ले में रहने वाले स्थानीय लोगों ने हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को बताया। गली-मुहल्ले की सड़कें कच्ची स्थानीय लोगों ने कहा कि इस इलाके की गली-मुहल्ले की सड़कें कच्ची हैं। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। सुबह और शाम में लोग अंधेरे में वॉकिंग करते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि जिस प्रकार छठ के दौरान निगम के प्रशासक ने नदियों और तालाबों का निरीक्षण किया, उसी प्रकार पदाधिकारियों को मुहल्ले का भी भ्रमण करना चाहिए, जिससे उन्हें लोगों की समस्याओं को जानने का अवसर मिलेगा। इससे लोगों की समस्याओं का निदान होगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि 25 वर्षों से समस्याओं से जूझ रहे हैं। अपेक्षा है कि नगर निगम की टीम क्षेत्र का भ्रमण समस्याओं को जानेगी और उसका समाधान करेगी। समस्याओं का सामना करना पड़ रहा उनका कहना है कि इलाके को बसे 25 वर्ष बीत हो चुके हैं, लेकिन अभी तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। इस वजह से इलाके में रहने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाती है। बारिश का पानी भर जाने की वजह से सड़कों पर बने गड्ढे और सड़क दोनों बराबर से हो जाते हैं। लोगों को इस रास्ते से होकर आने-जाने में काफी समस्याएं होती हैं। कच्ची और कीचड़ से सड़क भरी होने की वजह से आए दिन गाड़ियां फिसलकर दुर्घटना के शिकार होते हैं। सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त व जर्जर हो चुकी हैं बरसात के समय समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। कई बार सड़क की हालात देखकर बच्चों को स्कूल भेजने की जगह घरों में ही रखना पड़ता है। सभी सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त व जर्जर हो चुकी हैं। इस वजह से आवागमन करने में भी अक्सर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में सड़क खराब होने के कारण बरसात के समय इलाका कीचड़ में तब्दील हो जाता है। बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे 25 वर्षों के बाद गितिल कोचा के स्थानीय लोग कच्ची व बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय लोगों कहना है कि सड़कों पर कीचड़ होने की वजह से बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी समस्या होती है। उनका कहना है कि इस इलाके में कई ऐसे रास्ते हैं, जिससे न वाहन सवार और न स्थानीय लोग पैदल आ-जा सकते हैं। इलाके में स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण बुजुर्गों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण रोजाना स्थानीय लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। दो किलोमीटर दूर वाले रास्ते का उपयोग बच्चों का कहना है कि इस रास्ते से होकर गुजरने में अक्सर स्कूल ड्रेस और जूते गंदे होने का डर लगा हुआ रहता है। सड़क खराब होने की वजह से बच्चों को लगभग दो किलोमीटर दूर वाले रास्ते का उपयोग कर आना-जाना पड़ता है। सड़क खराब होने के कारण कई बार लोग गंभीर दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। कुछ लोगों का पैर टूट चुका है। रोजाना लोगों को हिचकोले खाते हुए आना-जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द इस जानलेवा सड़क को मरम्मत की जाए, ताकि लोग सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें। समस्याएं 1. 25 वर्षों के बाद भी अब तक मुहल्ले में पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। 2. नगर निगम की ओर से कभी भी नियमित रूप से डोर टू डोर कचरे का उठाव नहीं किया जाता। 3. मुहल्ले में साफ-सफाई नहीं होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 4. इलाके में जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है, जिस वजह से जलजमाव होता है। 5. बिजली विभाग की ओर से मुहल्ले में कहीं पर बिजली के पोल तक नहीं लगे हुए हैं। सुझाव 1. निगम जल्द से जल्द मुहल्ले में पक्की सड़क का निर्माण कराए, ताकि सुविधा मिल सके। 2. निगम नियमित रूप से हर घर कचरा का उठाव कराए, ताकि साफ-सफाई बनी रहे। 3. मुहल्ले में समय-समय पर फॉगिंग और दवा का छिड़काव कराया जाए। 4. नाली का निर्माण किया जाए, ताकि जल निकासी में समस्या न हो। 5. बिजली विभाग जल्द से जल्द इलाके में बिजली के पोल की व्यवस्था करे। किसने क्या कहा कोकर रोड नंबर दो स्थित गितिल कोचा में पिछले कई वर्षों से अबतक सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। कच्ची सड़क होने की वजह से बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इस वजह से स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कीचड़ होने की वजह से बुजुर्गों को इन रास्तों से पैदल होकर गुजरना मुश्किल हो जाता है। -अरविंद कुमार मुहल्ले में रहते हुए 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन न सड़क, न नाली और न बिजली के पोल लगे हैं। स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने की वजह से शाम होते ही पूरे मुहल्ले में अंधेरा पसर जाता है। बुजुर्गों ने बताया कि अंधेरा होने कारण आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। लोग अंधेरा होने के कारण रात में टॉर्च लेकर इन रास्तों से आना-जाना करते हैं। -राजकुमार यादव गंदगी होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। निगम में शिकायत करने के बावजूद फॉगिंग व दवा छिड़काव नहीं होता। -राजेंद्र पक्की सड़क नहीं होने से जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं। पानी भरे होने के कारण वाहन चालक दुर्घटना के शिकार बनते जा रहे हैं। -चंदन कुमार नियमित रूप से टैक्स देने के बावजूद इलाके में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं दी गई है। आज तक नाली का निर्माण नहीं किया गया है। -हर्षित कुमार इलाके में कभी भी निगम की ओर से नियमित रूप से कचरे का उठाव नहीं किया जाता है, जिस कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। -मोहन कुमार नाली का निर्माण नहीं होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। निगम में शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी है। -गणेश तिवारी इलाके में रहते हुए 20 वर्ष से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन आज तक मुहल्ले में बिजली के पोल नहीं लगे हैं। तार लोगों के ऊपर झूलते रहते हैं। -भोला मुंडा शाम होते ही इलाके में असामाजिक तत्वों का अड्डा लगना शुरू हो जाता है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से लड़कियों को आने-जाने में परेशानी होती है। -अजय मंडल जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात के दिनों में जलजमाव जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। निकासी की उचित व्यवस्था हो। -रामओला देवी मुहल्ले में आज तक साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है, जिस वजह से रास्ते पर कचरा फैला हुआ रहता है। -राजेंद्र यादव शहर में आए दिन चोरी-छिनतई जैसी घटनाएं घट रहीं हैं। मुहल्ले में कहीं पर स्ट्रीट नहीं होने के कारण शाम के बाद अंधेरा छा जाता है। -दीपक कुमार
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