रांची-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को अब हर दिन चलाने की तैयारी
रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अब सप्ताह में सातों दिन चलेगी। सांसदों की मांग पर रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। रेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सांसदों ने नई ट्रेनों और यात्री सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में कई सांसदों ने भाग लिया।

रांची, वरीय संवाददाता। रांची से सप्ताह में चार दिन चलने वाली रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अब सप्ताह में सातों दिन चलेगी। रांची में गुरुवार को हुई संसद सदस्यों की रेलवे मंडल समिति की बैठक में फिर से मांग उठने पर ट्रेन के हर दिन चलने की उम्मीद मजबूत हो गई है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के नेतृत्व में हुई बैठक में रांची और चक्रधपुर रेलमंडल से जुड़े झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा से आठ सांसद शामिल हुए। सांसदों की मांग को रेलवे बोर्ड के पास भेज दिया गया। बैठक में रेल सुविधाओं को और बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने मेसरा, बरकाकाना, रामगढ़, मैकलुस्कीगंज, खलारी और राय स्टेशन को रांची रेलमंडल में शामिल करने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए।
सिल्ली-इलू बाईपास रेलवे लाइन को जल्द बनाने, पुंदाग-भागलपुर सेल सिटी, न्यू पुंदाग जोहार नगर के पास आरयूबी और पहुंच पथ बनाने को कहा। वहीं, नामकुम स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक से बिशप वेस्टकॉट स्कूल तक फुट ओवरब्रिज बनाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा केतारी बगान में फ्लाईओवर निर्माण कार्य से लोगों को हो रही परेशानी से राहत दिलाने समेत अन्य योजनाओं को पूरा करने को कहा गया। चतरा के सांसद कालीचरण सिंह बोले, चंदवा में आरओबी निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। इसका पूरा होना ही बाकी है। वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा की ओर से अधिकृत अजय राय ने नई ट्रेनों, ट्रेनों के विस्तार, ठहराव और यात्री सुविधाओं से जुड़े मुद्दें को रखा। दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एके मिश्रा बोले, राजधानी ट्रेन के परिचालन अवधि विस्तार को लेकर बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। मौके पर जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो, पुरुलिया के सांसद ज्योतिमय सिंह महतो, ओडिशा से आए सांसद ममता महंता, रांची डीआरएम करुणानिधि सिंह आदि मौजूद थे। इन्होंने और सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी चाईबासा की सांसद जोबा मांझी बोलीं, झारखंड से चलने वाली ट्रेनों को सिर्फ खनिज ढोने के लिए न चलाएं। आम यात्री भी सफर कर सके, ऐसी ट्रेनें चलाएं। कोविड के समय कई पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं और कई जगह ठहराव होता था। वह बंद हो गईं। लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत बोले, रांची से नई ट्रेनों की सुविधा मिलनी चाहिए। यह बैठक में साल में दो से तीन बार होनी चाहिए। लोहरदगा से गुमला तक रेललाइन बिछाई जाए। परमवीर अलबर्ट एक्का के गांव तक ट्रेन अभी भी नहीं पहुंची है। सांसद डॉ महुआ माजी बोलीं, यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए हावड़ा-हटिया एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर न रोका जाए।
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