मानव तस्करी से झारखंड का हर परिवार भयभीत : प्रतुल
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 2020 से 2025 तक औसतन 500 से 700 बच्चे लापता हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि लापता बच्चों की खोज के लिए विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में बच्चों के अपहरण, लापता होने और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी और मानव तस्करी से झारखंड का हर परिवार भयभीत है। वर्ष 2020 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि झारखंड से हर वर्ष औसतन 500 से 700 नाबालिग बच्चे लापता हो रहे हैं। जिनमें से कई का अब तक कोई पता नहीं चल सका।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार जमशेदपुर से 122, गुमला से 52, लोहरदगा से 36, चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिगों के लापता होने की रिपोर्ट हुई। वर्ष 2024 में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 236 नाबालिग बच्चे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हुए। अभी भी हजारों बच्चे गायब हैं और पुलिस इनका पता लगाने में विफल रही है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में बच्चा चोर और मानव तस्करी के संगठित गिरोह निर्भीक होकर सक्रिय हैं और गरीब व आदिवासी बच्चे सबसे अधिक निशाने पर हैं। उन्होंने कहा कि आज झारखंड में माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। यह किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है। प्रतुल ने राज्य सरकार से जवाब मांगा कि लापता बच्चों की खोज के लिए विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा और तस्करी के गिरोहों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाया तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी।
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