चैनपुर में चार साल पहले गोली मारकर हत्या करने के दोषी को मिली उम्रकैद की सजा
मेदिनीनगर, संवाददाता। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत ने चैनपुर थाना क्षेत्र के टेमरी गांव में अं

मेदिनीनगर, संवाददाता। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत ने चैनपुर थाना क्षेत्र के टेमरी गांव में अंधाधुंध फायर कर मछली पालक किसान की हत्या करने के मामले में दोषी पाए गए मनोज यादव उर्फ मुन्ना यादव को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सेशन ट्रायल वाद संख्या 98/2022 में दोषी पाए गए मनोज यादव उर्फ मुन्ना यादव को 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की राशि नही देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा गुनाहगार को भुगतनी होगी। आर्म्स एक्ट के तहत दोषी को तीन वर्ष की सजा व पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया है।
जुर्माना की राशि नही देने पर चार माह की साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।अभियोजन के अनुसार चैनपुर थाना अंतर्गत टेमरी निवासी उज्ज्वल कुमार टिडू ने अपने ही गांव के चार लोग मनोज यादव, प्रदीप यादव, सनोज यादव व नरेश यादव के विरूद्ध 23 अगस्त 2022 को चैनपुर थाना में नामजद प्राथमिकी कराई थी। चैनपुर थाना कांड संख्या 195/2022 के तहत हत्या, साजिश और फायर आर्म्स के उपयोग आदि मामले में प्राथमिकी दर्ज अनुसंधान करते हुए दोषी को सजा दिलाने में पुलिस को सफलता मिली है। मुदालयों पर आरोप था कि 10 जुलाई 2022 को सभी अभियुक्त सुजन्ति देवी व आनंद मसीह टीडू को जाति सूचक शब्दो के साथ गाली-गलौज किए तथा जान मारने की धमकी दिए। तालाब में मछली छोड़ने की बात को लेकर यह घटना हुई थी। सूचक के तालाब को आरोपीगण जबरदस्ती कब्जा करना चाहते थे। इसी को लेकर सूचक के पिता को जान मारने का धमकी दी गई थी। 23 अगस्त 2022 को दिन के तीन बजे दिन में सूचक के पिता आनन्द मसीह टीडू पर अंधाधुंध फायर कर मनोज यादव ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। स्थानीय स्तर पर पर प्रारंभिक इलाज के बाद रांची ले जाने के क्रम में कुडू में उनकी स्थिति बिगड़ने लगी थी। परिजनों ने तत्काल उन्हे अस्पताल में जांच कराई जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने उन्हे मृत घोषित किया। इस मामले में अभियोजन ने दो प्रत्यक्षदर्शी समेत 11 गवाहों की गवाही कराई। लोक अभियोजक पुष्पा सिन्हा ने बताया कि इस केस में जाति प्रमाणपत्र संलग्न नहीं होने के कारण एसी एसटी एक्ट के तहत सजा नहीं दिया जा सका। अदालत ने चार अभियुक्तों में से तीन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया जबकि मनोज यादव उर्फ मुन्ना यादब को साक्ष्य के आधार पर दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन