पेट्रोल-डीजल की किल्लत के कारण आम लोगों की बढ़ने लगी परेशानी
जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो गया है और पेट्रोल की राशनिंग की जा रही है। आपूर्ति व्यवस्था बिगड़ गई है, जिससे आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन की ओर से पंपों की जांच नहीं होने से उपभोक्ता चिंतित हैं।

कोडरमा, वरीय संवाददाता जिले के पंपों पर पेट्रोल और डीजल की किल्लत के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। जिले के लगभग 40 पेट्रोल पंपों में से कई पर डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके चलते कई संचालकों ने पंपों पर केवल राशनिंग में पेट्रोल बेचना शुरू कर दिया है। इस संकट की सबसे बड़ी मार सरकारी कंपनियों के पंपों पर पड़ी है। कई स्थानों पर संचालक मशीन खराब होने का बहाना बना रहे हैं, तो कहीं केवल प्रीमियम पेट्रोल ही उपलब्ध होने की बात कहकर ग्राहकों को लौटाया जा रहा है। इसका सीधा असर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं पर पड़ने की आशंका गहरा गई है।समय
पर आपूर्ति न होने से संचालकों में रोषआपूर्ति व्यवस्था लगभग पूरी तरीके से चरमरा गई है। एडवांस भुगतान करने के बावजूद चार से छह दिन बाद केवल एक टैंकर की डिलीवरी संचालकों को मिल रही है। ऐसे में तेल आते ही समाप्त हो जा रहा है। सुदूरवर्ती और ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति और भी बदतर है। इन जगहों पर कई दिनों से तेल की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं है। जिले के कुछ पंप संचालकों का कहना है कि कि यदि आपूर्ति में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है।प्रशासन की ओर से नहीं हो रही जांचस्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में कई पेट्रोल पंप संचालित हैं, मगर जिला प्रशासन की ओर से आजतक एक भी पेट्रोल पंप की जांच नहीं की गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर लगातार पंपों की जांच होगी तो कालाबाजारी, जमाखोरी और गुणवत्ता की शिकायत भी दूर हो सकेगी।
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