Jharkhand Gas will now be available otherwise the agency system will be locked झारखंड में गैस अब 7 दिनों में मिलेगी, नहीं तो एजेंसी का सिस्टम होगा लॉक, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में गैस अब 7 दिनों में मिलेगी, नहीं तो एजेंसी का सिस्टम होगा लॉक

नए आदेश के मुताबिक अगर बुकिंग के सात दिनों के भीतर गैंस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाती या पेंडिंग रहती है तो संबंधित ड्रिस्ट्रिब्यूटर का सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा।

Tue, 9 June 2026 10:27 AMAditi Sharma हिन्दुस्तान
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झारखंड में गैस अब 7 दिनों में मिलेगी, नहीं तो एजेंसी का सिस्टम होगा लॉक

झारखंड में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

नए निर्देश के तहत अगर किसी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के यहां बुकिंग के बाद गैस सिलेंडर की डिलीवरी सात दिनों से ज्यादा समय तक पेंडिंग रहती है, तो संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर का सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा। मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी एलपीजी वितरकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपभोक्ता द्वारा गैस बुकिंग कराने के बाद अधिकतम सात दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी कर दी जाए। अगर किसी एजेंसी के यहां सात दिनों से ज्यादा का बैकलॉग पाया जाता है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगी।

नई बुकिंग और डिलीवरी के कार्य भी बंद हो जाएंगे

जानकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में डिस्ट्रीब्यूटर के यहां विशेष परिस्थितियों के कारण बैकलॉग उत्पन्न होता है और वह उसका उचित कारण बताता है, तो इंडियन ऑयल की ओर से सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। एजेंसी को देरी के कारणों का स्पष्ट विवरण देना होगा। संतोषजनक कारण नहीं मिलने की स्थिति में एजेंसी का सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिससे नई बुकिंग और डिलीवरी संबंधी कार्य नहीं कर सकेगी।

पहले भी था नियम, अस्थाई राहत प्रदान की गई थी

गौरतलब है कि एलपीजी वितरण से संबंधित यह नियम पहले भी लागू था। हालांकि, मध्य-पूर्व में उत्पन्न परिस्थितियों और आपूर्ति शृंखला पर पड़े प्रभाव को देखते हुए तेल कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को इस नियम में अस्थायी राहत प्रदान की थी। लेकिन, अब हालात सामान्य होने के साथ ही कंपनियां फिर से वितरण व्यवस्था को समयबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठा रही हैं। डिलीवरी बैकलॉग को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है और नियमों को दोबारा लागू किया जा रहा है।

बार-बार नियम उल्लंघन पर पूरा सिस्टम होगा बंद

इस कड़े कदम का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। यदि विशेष परिस्थितियों के कारण बैकलॉग होता है और डिस्ट्रीब्यूटर को उचित कारण बताता होगा। इंडियन ऑयल द्वारा सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। लेकिन बार-बार उल्लंघन करने पर सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

उपबल्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इंडेन के फिलहाल सात दिन से अधिक लंबित डिलीवरी के मामले करीब 50 हजार से अधिक हैं। वहीं, सिर्फ रांची में ही 7 हजार ऐसे मामले हैं, जिनमें बुकिंग के सात दिन बाद भी उपभोक्ता को गैस की होम डिलीवरी नहीं की गई है। हाल के दिनों में इसमें काफी सुधार भी हुआ है। तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के संयुक्त प्रयासों से पिछले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार देखने को मिला है। लंबित मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है और कंपनियां शेष बैकलॉग को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं।