Jharkhand all govt schemes will now be monitored directly chief ministerial level झारखंड में अब सीएम स्तर से होगी सभी योजनाओं की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड 2.0 होगा पूरा रिकॉर्ड, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में अब सीएम स्तर से होगी सभी योजनाओं की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड 2.0 होगा पूरा रिकॉर्ड

झारखंड में चल रही विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के क्रियान्वयन और निगरानी अब मुख्यमंत्री स्तर से की जाएगी। इसे धरातल पर उतारने की दिशा में इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम डैशबोर्ड 2.0) परियोजना को क्रियान्वित किया जाएगा।

Tue, 21 April 2026 09:46 AMPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में अब सीएम स्तर से होगी सभी योजनाओं की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड 2.0 होगा पूरा रिकॉर्ड

झारखंड में चल रही विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के क्रियान्वयन और निगरानी अब मुख्यमंत्री स्तर से की जाएगी। इसे धरातल पर उतारने की दिशा में इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम डैशबोर्ड 2.0) परियोजना को क्रियान्वित किया जाएगा। राज्य सरकार की योजना है कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से सभी विभागों की परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।

इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बने। इसके तहत सभी विभागों के लिए एक समान दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा, जिससे विभिन्न योजनाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन एक तय मानक के आधार पर किया जा सके। इस प्लेटफार्म में प्रमुख प्रदर्शन संकेतक निर्धारित किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सी योजना किस स्तर पर कार्य कर रही है और उसमें सुधार की आवश्यकता कहां है। इससे न केवल योजनाओं की प्रगति पर नजर रखना आसान होगा, बल्कि समय पर आवश्यक हस्तक्षेप भी संभव हो सकेगा। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत जैप-आईटी द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।

यूडीडीपी से कैसे समन्वय होगा बेहतर

● जैप-आईटी द्वारा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का एकीकृत राज्यस्तरीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके लिए एकीकृत डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म (यूडीडीपी) के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

● यूडीडीपी लागू होने से लाभार्थियों को सेवाएं अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।

● यह प्लेटफॉर्म एक केंद्रीय डेटा रिपॉजिटरी के रूप में कार्य करेगा, जो विभिन्न विभागों के उपलब्ध डेटाबेस के बीच डेटा एक्सचेंज की सुविधा प्रदान करेगा।

● इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए जेकेसीएल बनेगा

राज्य में कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से झारखंड नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेकेसीएल) की स्थापना का प्रस्ताव है। इसका गठन राज्य सरकार, महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमकेसीएल) और राज्य के विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, इस संयुक्त उपक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग, एमकेसीएल और राज्य के विश्वविद्यालयों की हिस्सेदारी क्रमशः 45%, 15% और 40% होगी। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है। जेकेसीएल से राज्य के ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में डिजिटल कोर्सेज चलाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिल सके। इसके अलावा विश्वविद्यालयों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और आईटी आधारित सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

स्टार्टअप के विकास को बनेगा इनोवेशन-इन्क्यूबेशन सेंटर

राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में इनोवेशन/इन्क्यूबेशन सेंटर बनेगा। नई झारखंड स्टार्टअप पॉलिसी-2023 के तहत बनने वाले उक्त केंद्रों का उद्देश्य स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, परीक्षण सुविधाएं और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित योजना के तहत इन इन्क्यूबेशन सेंटरों में विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। इनमें विभिन्न तरह के लैब जैसे - एफएबी, आईओटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल लैब शामिल हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से स्टार्टअप अपने उत्पादों का प्रोटोटाइप तैयार करने और परीक्षण करने में सक्षम होंगे।

रिपोर्ट : नितेश ओझा