आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों को अपनाने के लिए राज्य स्तरीय शिक्षक सशक्तिकरण कार्यशाला
टेल्को स्थित हिल टॉप स्कूल में 20 और 21 अप्रैल को 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ -एसई ) 2023' पर आधारित दो दिवसीय शिक्षक सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ. चिरंजीत नाथ ने शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों और योग्यता-आधारित शिक्षा पर मार्गदर्शन दिया। यह कार्यक्रम शिक्षकों को शैक्षणिक अनुसंधान और कक्षा व्यवहार के बीच अंतर कम करने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करता है।
टेल्को स्थित हिल टॉप स्कूल में मंगलवार को भारतीय शिक्षा प्रणाली के बदलते स्वरूप और आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों को अपनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय राज्य स्तरीय शिक्षक सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 20 और 21 अप्रैल को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ -एसई ) 2023' रहा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) के प्रतिष्ठित संकाय सदस्य और सेंटा सहयोगी डॉ. चिरंजीत नाथ ने मुख्य वक्ता और मार्गदर्शक के रूप में इस कार्यशाला का नेतृत्व किया।'प्रमुख दक्षताओं और सीखने के परिणामों को समझना' शीर्षक वाली इस कार्यशाला में जमशेदपुर, रांची, चक्रधरपुर, खड़गपुर, प्रयागराज और ओडिशा के 36 शिक्षकों ने शिरकत की।
कुल 14 घंटों के इस उच्च-प्रभाव वाले प्रशिक्षण सत्र के दौरान डॉ. नाथ ने अपने शोध अनुभवों और मूल्यांकन डिजाइन की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए शिक्षकों को रटने की प्रवृत्ति से बाहर निकलने के गुर सिखाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य छात्रों में वास्तविक जिज्ञासा पैदा करना और उनमें मापने योग्य कौशल विकसित करना है।कार्यशाला के समापन पर डॉ. चिरंजीत नाथ ने कहा कि एनसीएफ -एसई 2023 केवल एक दस्तावेज मात्र नहीं है, बल्कि यह भविष्य की प्रभावी कक्षाओं के निर्माण का एक सशक्त मार्ग है। इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को शैक्षणिक अनुसंधान और कक्षा के दैनिक व्यवहार के बीच के अंतर को कम करने के लिए आवश्यक उपकरणों से लैस किया गया। इस कार्यक्रम ने शिक्षकों को योग्यता-आधारित शिक्षा को लागू करने के लिए एक नई दिशा प्रदान की है, जिससे आने वाले समय में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
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