पोड़ैयाहाट से गर्जना रैली को लेकर सैकड़ों लोग रवाना
पोड़ैयाहाट से सैकड़ों आदिवासी लोग जनजाति सांस्कृतिक समागम और गर्जना रैली में शामिल होने दिल्ली रवाना हुए। दुमका और संथाल परगना के चार जिलों के लोग अपनी मांगों को रखने के लिए हजारों की संख्या में भाग लेंगे। भाषा, धर्म और संस्कृति उनकी पहचान के मूल आधार हैं।

पोड़ैयाहाट। शुक्रवार को पोड़ैयाहाट रेलवे स्टेशन से सैकड़ों आदिवासी समाज के लोग जनजाति सांस्कृतिक समागम एंव विशाल गर्जना रैली में शामिल होने लालकिला मैदान नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। लोगों ने कहा कि दुमका से संथाल परगना के चार जिले के लोग दिल्ली समागम में हजारों हजार की संख्या में भाग लेंगे और अपनी अपनी मांगों को रखेंगे। जाति की अपनी भाषा धर्म संस्कृति और परंपरागत रीति रिवाज ही उनकी पहचान के मूल आधार होते हैं। जन्म विवाह और मृत्यु जैसी संस्कारों से जुड़ी परंपरागत रीति नेशन हमें यह पहचान देती है कि हम किस समुदाय और किस जनसमूह के सदस्य हैं।
भाषा धर्म और संस्कृति से ही किसी जाति का अस्तित्व बना रहता है। इसलिए अपनी मातृभाषा धार्मिक विश्वास परंपरागत रीति नीतियों एवं ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य और धर्म है।
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