नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को हक मिलेगा : शारदा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के पारित होने से भारत ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी, जिससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के पारित होने के साथ भारत ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने से न सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी। यह बात रविवार को भाजपा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेत्री व जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कही। प्रेस कांफ्रेंस में सिंदरी विस से भाजपा प्रत्याशी तारा देवी, रमा सिन्हा, प्रियंका देवी, गीता बैसरा, रीता प्रसाद यादव, कंचन चौरसिया, रूमकी गुप्ता, विभा सिंह, गीता सिंह आदि भी मौजूद थीं। मौके पर कहा गया कि वैश्विक शोध बताते हैं कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जीडीपी में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम यह 106वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम है, जो पहले 128वां संशोधन विधेयक के रूप में पेश हुआ था। इसके तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह प्रावधान अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसिमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होगा। फिलहाल यह व्यवस्था लागू होने की तिथि से 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगी, जिसे संसद चाहे तो आगे बढ़ा सकती है। महिलाओं को उनका पूरा हक मिलेगा।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन