chaibasa sadar hospital hiv infected blood victims ask for 1 crore compensation 5 बच्चों को चढ़ा दिया था HIV संक्रमित खून, अब मांग रहे एक करोड़ मुआवजा; हाई कोर्ट में लगाई गुहार, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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5 बच्चों को चढ़ा दिया था HIV संक्रमित खून, अब मांग रहे एक करोड़ मुआवजा; हाई कोर्ट में लगाई गुहार

चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में संक्रमित रक्त चढ़ाने के कारण एचआईवी संक्रमित हुए पांच बच्चों की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई गई है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में प्रत्येक बच्चे को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

Sun, 19 April 2026 06:45 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, चाईबासा
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5 बच्चों को चढ़ा दिया था HIV संक्रमित खून, अब मांग रहे एक करोड़ मुआवजा; हाई कोर्ट में लगाई गुहार

चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में संक्रमित रक्त चढ़ाने के कारण एचआईवी संक्रमित हुए पांच बच्चों की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई गई है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में प्रत्येक बच्चे को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, जीवनभर मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज, सुरक्षित रक्त की उपलब्धता और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की गई है।

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं

याचिका में कहा गया है कि पांचों बच्चे, जिनकी उम्र पांच से सात वर्ष के बीच है, पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। पीड़ित बच्चे पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों के एसटी और ओबीसी परिवारों से हैं। परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है और अधिकांश सदस्य दैनिक मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं।

ये भी हैं मांगें

याचिका में बच्चों के लिए सुरक्षित रक्त, एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी), नियमित सीडी-4 एवं वायरल लोड जांच, पोषण सहायता और काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। साथ ही प्रभावित परिवारों को पक्का मकान देने और पूरे मामले की निगरानी के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आग्रह भी किया गया है।

आरोप: जानबूझ कर संक्रमित खून चढ़ाया

याचिका में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि एक बच्चे को जानबूझकर संक्रमित रक्त चढ़ाया गया। याचिका के अनुसार संबंधित बच्चे के माता-पिता एचआईवी निगेटिव पाए गए हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है। एक अन्य आरोप में ब्लड बैंक की एक कर्मचारी पर व्यक्तिगत रंजिश के तहत संक्रमित रक्त चढ़ाने का आरोप लगाया गया है। राज्य सरकार ने इस मामले में दो लाख रुपये की मुआवजा राशि देने तथा कुछ अधिकारियों को निलंबित करने की कार्रवाई की है, लेकिन प्रार्थियों ने इसे अपर्याप्त बताया है।

हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

इस मामले में दीपिका हेंब्रम की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई भी जारी है। अदालत ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को जांच की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।