UAE ने मांगा पैसा वापस तो जुगाड़ में लगा पाकिस्तान, अमेरिका में होटल बेचने की तैयारी
यूएई ने 3.5 मिलियन डॉलर के कर्ज की वापसी की मांग की है। पाकिस्तान ने इसे जल्द चुकाने की बात कही है, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसे लेकर संदेह बना हुआ है। ऐसे में होटल की संभावित बिक्री को ही एक प्रमुख विकल्प माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यूएई ने उससे अपनी उधारी वापस मांगनी शुरू कर दी है, जबकि आईएमएफ का सात अरब डॉलर का कर्ज भी जल्द चुकाना है। इस दबाव के चलते पाकिस्तान न्यूयॉर्क स्थित अपने होटल को बेचने की तैयारी में है। बेहतर कीमत पाने के लिए उसने इसके नवीनीकरण को लेकर अमेरिका के साथ समझौता किया है।
मैनहटन में पाकिस्तान इंवेस्टमेंट लिमिटेड का करीब 100 वर्ष पुराना 19 मंजिला होटल पिछले साल से नवीनीकरण के अभाव में बंद पड़ा है। हाल में इसके पुनरुद्धार के लिए पाकिस्तान और अमेरिका के बीच करार हुआ है, जिस पर लगभग एक अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान होटल की बिक्री से पहले उसकी स्थिति सुधारकर अधिक कीमत हासिल करना चाहता है।
UAE ने वापस मांगा कर्ज
वहीं, यूएई ने 3.5 मिलियन डॉलर के कर्ज की वापसी की मांग की है। पाकिस्तान ने इसे जल्द चुकाने की बात कही है, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसे लेकर संदेह बना हुआ है। ऐसे में होटल की संभावित बिक्री को ही एक प्रमुख विकल्प माना जा रहा है।
पाकिस्तान जून तक करेगा 4.8 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज का भुगतानः रिपोर्ट
पीटीआई भाषा के अनुसार, पाकिस्तान ने जून तक 4.8 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज को लौटाने का इंतजाम कर लिया है जिसमें से 3.5 अरब डॉलर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को चुकाने हैं। सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान सरकार ने अप्रैल अंत तक यूएई को दो अरब डॉलर लौटाए जाने का फैसला किया था। पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर बढ़े तनाव के बीच यूएई ने पाकिस्तान को दिए गए पैसे की वापसी की मांग की है।
'जियो न्यूज' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को अपनी बाहरी वित्तीय जरूरतें पूरा करने के लिए दो मित्र देशों से पांच अरब डॉलर से अधिक के वित्तीय समर्थन का आश्वासन भी मिला है।
इस बीच, 10 साल की अवधि के लिए जारी 1.3 अरब डॉलर का यूरो बॉन्ड इस सप्ताह परिपक्व हो रहा है, जिससे सरकार पर निकट अवधि में भुगतान का दबाव बढ़ा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इन भुगतान को 'सामान्य वित्तीय लेनदेन' बताते हुए कहा कि यह द्विपक्षीय समझौतों के तहत तय शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है।
UAE की रकम को लेकर पाकिस्तान ने क्या बताया
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में पुष्टि की कि ये जमा राशि 'द्विपक्षीय वाणिज्यिक समझौतों' के तहत रखी गई थी, जो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता एवं समृद्धि के लिए यूएई के मजबूत समर्थन को दर्शाती है।
इसमें कहा गया है, 'तदनुसार, आपसी सहमति से तय शर्तों के तहत, पाकिस्तान सरकार एसबीपी के माध्यम से परिपक्व जमा राशि यूएई को वापस कर रही है। यह एक नियमित वित्तीय लेनदेन है, और इसे अन्यथा दर्शाने का कोई भी प्रयास गलत और भ्रामक है।'
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