नेस्तनाबूद कर देंगे, अफगानिस्तान से युद्ध पर ही तुले हैं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि जो भी हमला करेगा उसे नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दो प्रांतों में हवाई हमले किए हैं। इसके बाद तनाव काफी बढ़ गया है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसा माहौल बन गया है। पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक का बदल लेने के लिए अफगानिस्तान ने डूरंड लाइन के इलाके में हमला किया तो पाकिस्तान ने सीधा राजधानी काबुल को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने काबुल की 12 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। वहीं अफगानिस्तान ने इसे आतंकी हमला बताया है। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना हमलावरों को नेस्तनाबूत करने में सक्षम है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, हमारी सेनाओं के पास हमलावरों को कुचलने की ताकत है। इस स्थिति में पूरा देश सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वहीं अफगानिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के काबुल औऱ दो अन्य प्रांतों में हवाई हले किए हैं। ऐसे में अब कतर की मध्यस्थता में कराया गया युद्धविराम कमजोर हो गया है।
काबुल में तीन विस्फोट
काबुल में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राजधानी में हमले कहां हुए और इनमें किसी के हताहत होने की जानकारी भी तुरंत नहीं मिल सकी। सरकारी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान ने दक्षिण में कंधार और दक्षिण-पूर्वी प्रांत पकतिया में भी हवाई हमले किए।
पाक ने अफगानिस्तान पर लगाए बिना उकसावे के हमले के आरोप
मुजाहिद ने बृहस्पतिवार रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पाकिस्तानी सेना के बार-बार विद्रोह और हमलों के जवाब में डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए।'' अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जवाबी हमले सीमा से लगे छह प्रांतों में किए गए। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड रेखा कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता।
यूएन ने भी संघर्ष पर जताई चिंता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सीमा पार झड़पों की खबरों पर चिंता जताई। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने दोनों पक्षों से मतभेदों को कूटनीति के जरिए सुलझाने की अपील की है। दोनों देशों ने हताहतों के अलग-अलग आंकड़े दिए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से कुछ के शव अफगानिस्तान ले जाए गए, जबकि ''कई सैनिकों को जिंदा पकड़ लिया गया।'' मंत्रालय के अनुसार, अफगानिस्तान के आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए।
दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए हैं, जबकि 36 अफगान लड़ाके मारे गए। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में सैनिकों, नागरिकों और संदिग्ध आतंकियों की मौत हुई थी। हालांकि, कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम काफी हद तक लागू रहा लेकिन सीमा पर बीच-बीच में गोलीबारी होती रही है। नवंबर में हुई कई दौर की शांति वार्ताएं भी किसी औपचारिक समझौते पर नहीं पहुंच सकीं।

पाकिस्तान हाल के वर्षों में बढ़ती चरमपंथी हिंसा के लिए तहरीक-ए-पाकिस्तान (टीटीपी) और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराता है। टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका उससे करीबी संबंध माना जाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान की सरजमीं से काम करता है, हालांकि काबुल और यह संगठन दोनों इस आरोप से इनकार करते हैं।
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