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क्यों डोनाल्ड ट्रंप खुद खत्म कर सकते हैं ईरान से जंग, इरादे कमजोर या हालात?

ईरान की जमीन पर अमेरिकी सैनिक उतरे तो फिर वे अर्बन वारफेयर में फंस सकते हैं। ऐसी स्थिति अमेरिका के लिए वही होगी, जैसी यूक्रेन में रूस की हुई थी। इसलिए माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल एग्जिट का रास्ता चुन सकते हैं। 

Wed, 1 April 2026 04:04 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्यों डोनाल्ड ट्रंप खुद खत्म कर सकते हैं ईरान से जंग, इरादे कमजोर या हालात?

डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार गुरुवार को सुबह 6:30 बजे संबोधित करने वाले हैं। इस दौरान वह बताएंगे कि ईरान के खिलाफ चल रही जंग में अब अमेरिकी नीति क्या होगी। चर्चा है कि वह ईरान की जंग को एकतरफा तौर पर खत्म करने का भी ऐलान कर सकते हैं। यह घोषणा करते वक्त वह कह सकते हैं कि ईरान पर हमले करने का हमारा मकसद पूरा हो गया है और अब हम इस जंग को यहीं खत्म करते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप जंग को इस तरह खत्म करने का विचार क्यों करेंगे। क्या उनके इरादे अब कमजोर हो गए हैं या फिर हालात ऐसे हो गए हैं कि ईरान से जंग में निकलना ही सही लग रहा है।

जानकारों का मानना है कि अमेरिका को इस बात की चिंता सता रही है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगातार बंद रहा तो फिर दुनिया भर में परेशानी बढ़ेगी। ऐसी स्थिति अमेरिका समेत किसी के लिए भी सही नहीं होगी। इसके अलावा ईरान से जमीनी जंग लड़ना भी आसान नहीं है, जिसे लेकर चर्चा है कि ट्रंप ऐसा कुछ ऐलान कर सकते हैं। लेकिन ईरान की जमीन पर अमेरिकी सैनिक उतरे तो फिर वे अर्बन वारफेयर में फंस सकते हैं। ऐसी स्थिति अमेरिका के लिए वही होगी, जैसी यूक्रेन में रूस की हुई थी। इसलिए माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल एग्जिट का रास्ता चुन सकते हैं।

वह अपने ऐलान में यह कह सकते हैं कि हमने ईरान के परमाणु हथियारों के ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। अब वह इस स्थिति में नहीं है कि परमाणु हथियार तैयार कर सके अथवा हमारे ऊपर हमले कर सके। इसलिए हम जंग को खत्म कर रहे हैं। अमेरिकी जनता का रुख भी अहम है। एक सर्वे में दावा किया गया है कि दो तिहाई अमेरिकी चाहते हैं कि ईरान के साथ जंग को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।

UAE और सऊदी अरब पर हमलों से भी दबाव में है अमेरिका?

इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को जिस तरह से ईरान के खिलाफ हमले झेलने पड़े हैं। उससे भी अमेरिकी सुरक्षा कवच पर सवाल उठे हैं। इन देशों में अमेरिकी बेस भी हैं। इसके बाद भी यदि ईरान के इतने घातक हमले हुए हैं तो फिर इस पर सवाल उठता है। ऐसी स्थिति में भी अमेरिका नहीं चाहेगा कि ईरान को जंग बढ़ाने का मौका मिले। वह यह कहते हुए जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं कि हमने ईरान की खतरनाक लीडरशिप को खत्म कर दिया है और उसके हथियारों के जखीरे को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

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