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पत्रकारों को लेकर भिड़ गए अमेरिका और चीन, एक दूसरे के रिपोर्टर को दिखा दिया बाहर का रास्ता

अमेरिका और चीन के बीच पत्रकारों को निकालने को लेकर तनाव बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक ताइवान के एक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पहले चीन ने अमेरिकी पत्रकार को बाहर का रास्ता दिखाया था। बाद में अमेरिका ने भी जवाब दिया।

Sat, 30 May 2026 11:26 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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पत्रकारों को लेकर भिड़ गए अमेरिका और चीन, एक दूसरे के रिपोर्टर को दिखा दिया बाहर का रास्ता

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और विचारधारा का टकराव कोई नया नहीं है। अब दोनों देशों में एक दूसरे के पत्रकारों को निकालने की होड़ लग गई है।अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के लिए अमेरिका में काम करने वाले एक चीनी नागरिक का वीजा रद्द कर दिया। यह कदम कथित रूप से चीन द्वारा 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के एक पत्रकार को निष्कासित करने के जवाब में उठाया गया है।

ताइवान की वजह से टकराव

मामले से परिचित एक व्यक्ति ने पुष्टि की कि वीजा रद्द कर दिया गया है। व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि यह मामला वीजा गोपनीयता से जुड़ा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि वीजा रद्द करने की योजना बनाई गई थी। चीन द्वारा 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की चीन के लिए संवाददाता विवियन वांग को निष्कासित किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन की यह जवाबी कार्रवाई हुई है। ताइवानी नेता की 'डील बुक' कार्यक्रम में उपस्थिति के कारण वांग को चीन से निष्कासित किया गया जिसमें वांग की कोई भूमिका नहीं थी। यह एक दुर्लभ मामला है जब अमेरिकी सरकार ने चीन की कार्रवाई के जवाब में सीधे तौर पर जवाबी कदम उठाया।

ट्रंप प्रशासन की इस जवाबी कार्रवाई की खबर सबसे पहले प्रकाशित करने वाले अखबार 'द टाइम्स' ने कहा कि वह किसी भी सरकार से यह मांग नहीं करता है कि किसी पत्रकार की मान्यता रद्द की जाए या उसके कामकाज में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप किया जाए। शुक्रवार को अखबार ने एक बयान जारी कर वांग को चीन में मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में बहाल करने की मांग की।

'टाइम्स' अखबार के कार्यकारी संपादक जोसेफ कान ने इसकी वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में कहा, 'चीन की सरकार का विवियन वांग को निष्कासित करने का निर्णय गलत है। उनके निष्कासन से हमारे वैश्विक पाठकों के लिए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण समय में सटीक, स्वतंत्र और गहन रिपोर्टिंग प्राप्त करना और भी मुश्किल हो जाएगा।' वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

हाल ही में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने' पर बहस में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे। यह बहस मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चीन की अध्यक्षता में हुई थी। डार की रुबियो के साथ यह मुलाकात विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक के कुछ दिनों बाद हुई है।

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