Who are savani brothers US fraud case h1b medicaid scam 400 years jail सवानी बंधुओं का अमेरिका में महाघोटाला! हो सकती है 400 साल तक की जेल, कैसे मचाई लूट?, International Hindi News - Hindustan
More

सवानी बंधुओं का अमेरिका में महाघोटाला! हो सकती है 400 साल तक की जेल, कैसे मचाई लूट?

अमेरिका में सवानी बंधुओं के 30 मिलियन डॉलर के महाघोटाले का पर्दाफाश! H-1B वीजा, मेडिकेड और हेल्थकेयर धोखाधड़ी में भास्कर और अरुण सवानी को 400 साल से ज्यादा की जेल। इस बड़े फर्जीवाड़े की पूरी इनसाइड स्टोरी यहां पढ़ें।

Fri, 13 March 2026 10:39 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, पेन्सिलवेनिया
share
सवानी बंधुओं का अमेरिका में महाघोटाला! हो सकती है 400 साल तक की जेल, कैसे मचाई लूट?

अमेरिकी राज्य पेन्सिलवेनिया के रहने वाले दो भाइयों, भास्कर सवानी और अरुण सवानी को कई राज्यों में फैले एक बड़े संगठित अपराध (रैकेटियरिंग) और कई तरह की धोखाधड़ी के मामलों में दोषी ठहराया गया है। भास्कर सवानी पेशे से एक डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) हैं। इन दोनों ने मिलकर 'सवानी ग्रुप' की स्थापना की थी, जिसके जरिए इन्होंने धोखाधड़ी की कई योजनाओं को अंजाम दिया और करोड़ों डॉलर की अवैध संपत्ति जुटाई। अब उन पर 400 साल से ज्यादा की जेल की तलवार लटक रही है।

सजा और सह-आरोपी

सवानी बंधु: इन संगीन अपराधों के लिए भास्कर सवानी को अधिकतम 420 साल और अरुण सवानी को 415 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इनकी सजा पर फैसला जुलाई 2026 में सुनाया जाएगा।

सह-आरोपी: इन भाइयों की एक सहयोगी, एलेक्जेंड्रा राडोमियाक को भी इस मामले में दोषी ठहराया गया है। उसे 40 साल तक की कैद और भारी जुर्माने की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

काश पटेल से जुड़ी दिलचस्प घटना

इस मामले का एक बहुत ही रोचक पहलू यह है कि सवानी बंधु सोशल मीडिया पर एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल से अपनी मुलाकातों की शेखी बघारते थे और उनके साथ तस्वीरें भी पोस्ट करते थे। यहां तक कि जब काश पटेल FBI के डायरेक्टर बने, तो इन भाइयों ने इसका जश्न भी मनाया था। हैरानी की बात यह है कि उस समय वे खुद FBI की रडार पर थे और उन पर साल 2023 में ही आरोप तय किए जा चुके थे।

धोखाधड़ी के मुख्य तरीके

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, सवानी ग्रुप ने कई तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

H-1B वीजा घोटाला: सवानी ग्रुप ने प्रशासन के पास फर्जी H-1B वीजा आवेदन और याचिकाएं दायर कीं। इनका मुख्य उद्देश्य उन भारतीयों को नौकरी पर रखना था जो पूरी तरह से सवानी ग्रुप पर निर्भर थे और फिर उनसे अवैध रूप से फीस वसूली जाती थी।

मेडिकेड धोखाधड़ी: जब सवानी ग्रुप के डेंटल क्लीनिकों का मेडिकेड इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया, तो उन्होंने 'डमी' व्यापार मालिकों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए। इस योजना के तहत उन्होंने मेडिकेड को 30 मिलियन डॉलर (करीब 3 करोड़ डॉलर) से अधिक का चूना लगाया।

हेल्थकेयर धोखाधड़ी: इन्होंने मेडिकेड को फर्जी बिल सबमिट किए। इसके लिए उन्होंने किसी अन्य डेंटिस्ट के नेशनल प्रोवाइडर आइडेंटिफायर (NPI) का इस्तेमाल किया, और वह भी उन तारीखों पर जब वह डेंटिस्ट अमेरिका में मौजूद ही नहीं था। इसके अलावा, बिना मान्यता प्राप्त डेंटिस्ट्स द्वारा किए गए इलाज के फर्जी बिल भी बनाए गए।

मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन): हेल्थकेयर धोखाधड़ी से कमाए गए अवैध पैसे को छिपाने के लिए, सवानी ग्रुप ने कॉर्पोरेट संस्थाओं और बैंक खातों का एक बेहद जटिल जाल बिछाया। डमी मालिकों के नाम पर चल रहे क्लीनिकों से पैसा ट्रांसफर करके सवानी बंधुओं और उनकी कंपनियों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचाया गया।

टैक्स और वायर धोखाधड़ी: सवानी बंधुओं और उनकी कंपनियों ने अपनी लगभग 1.6 मिलियन डॉलर की अघोषित व्यक्तिगत आय और कर्मचारियों की 1.1 मिलियन डॉलर की अघोषित आय पर टैक्स का भुगतान नहीं किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने निजी खर्चों- जैसे कॉलेज की ट्यूशन फीस, पर्सनल प्रॉपर्टी टैक्स, और अपने निजी घरों के स्विमिंग पूल व लॉन के रखरखाव का बिल धोखे से अपनी कंपनियों के खर्च में दिखा दिया।

FDCA साजिश (अवैध डेंटल इंप्लांट): सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इन्होंने मरीजों की जानकारी और सहमति के बिना, इंसानों पर ऐसे डेंटल इंप्लांट्स का इस्तेमाल किया जो मानव उपयोग के लिए स्वीकृत ही नहीं थे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।