when F 1 Visa revoked, Indian student Chinmay Deore sues Trump administration over deportation threat US ने रद्द किया F-1 वीजा तो भारतीय छात्र ने खोल दिया मोर्चा, ट्रंप प्रशासन को अदालत में घसीटा, International Hindi News - Hindustan
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US ने रद्द किया F-1 वीजा तो भारतीय छात्र ने खोल दिया मोर्चा, ट्रंप प्रशासन को अदालत में घसीटा

F-1 वीजा छात्रों को अमेरिका के किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज, यूनिवर्सिटी या अन्य शैक्षणिक संस्थान या भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्णकालिक छात्र के रूप में USA में प्रवेश करने और वहां रहकर कोर्स पूरा करने की अनुमति देता है।

Wed, 16 April 2025 07:30 PMPramod Praveen पीटीआई, न्यूयॉर्क
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US ने रद्द किया F-1 वीजा तो भारतीय छात्र ने खोल दिया मोर्चा, ट्रंप प्रशासन को अदालत में घसीटा

संयुक्त राज्य अमेरिका के मिशिगन के सरकारी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक भारतीय समेत चार एशियाई छात्रों ने अपने छात्र आव्रजन दर्जे को गलत तरीके से समाप्त किए जाने के बाद अमेरिका से संभावित निर्वासन के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। भारत के चिन्मय देवरे, चीन के जियांगयुन बु और कियुई यांग और नेपाल के योगेश जोशी ने शुक्रवार को ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ (DHS) और आव्रजन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

चारों छात्रों ने मुकदमा दायर करके आरोप लगाया है कि ‘छात्र एवं विनिमय आगंतुक सूचना प्रणाली’ (SEVIS) में उनके छात्र आव्रजन दर्जे को ‘पर्याप्त नोटिस और स्पष्टीकरण के बिना’ अवैध रूप से समाप्त कर दिया गया। SEVIS एक ऐसा आंकड़ा है जो अमेरिका में गैर-प्रवासी छात्रों और शैक्षणिक विनिमय के तहत आने वाले छात्रों (विनिमय आगंतुक) के बारे में जानकारी एकत्र करता है।

बिना कारण रद्द किया गया F-1 छात्र वीजा

छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे मिशिगन के ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ ने कहा है कि उन्होंने उन छात्रों की ओर से एक संघीय मुकदमा दायर करके एक आपतकालीन निषेधाज्ञा जारी करने का अनुरोध किया है, जिनकी F-1 छात्र आव्रजन स्थिति को ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना किसी वैध कारण और बिना किसी नोटिस के अवैध रूप से और अचानक समाप्त कर दिया गया है।एसीएलयू ने कहा कि मुकदमे में अदालत से इन छात्रों की स्थिति को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और हिरासत और निर्वासन के जोखिम का सामना करने से बच सकें।

न अपराध किया, न दोषी ठहराया गया, फिर क्यों ऐक्शन?

अदालत में की गई शिकायत में कहा गया है, “उनमें से किसी पर भी अमेरिका में किसी भी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है, न ही उन्हें दोषी ठहराया गया है। किसी ने भी किसी आव्रजन कानून का उल्लंघन नहीं किया है। न ही वे किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर परिसर में विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं।”

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इस शिकायत में डीएचएस सचिव क्रिस्टी नोएम, कार्यकारी आईसीई निदेशक टॉड लियोन्स और आईसीई डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस निदेशक रॉबर्ट लिंच का नाम शामिल है। इसी प्रकार के मुकदमे न्यू हैम्पशायर, इंडियाना और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों समेत देशभर में दायर किये गए हैं। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही इसी तरह के एक मामले में अमेरिकी जज ने ट्रंप प्रशासन को 21 वर्षीय भारतीय स्नातक कृष लाल इस्सरदासानी को निर्वासित करने से अस्थायी रूप से रोक दिया था, जिसका छात्र वीजा रद्द कर दिया गया था। कृष मई में स्नातक होने वाले हैं।

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