What is Yak 130, which Iran displayed for the first time and gave tension to US Israel relation with Russia क्या है याक-130, जिसका पहली बार दीदार करा ईरान ने US-इजरायल को दे दी टेंशन; रूस से नाता, International Hindi News - Hindustan
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क्या है याक-130, जिसका पहली बार दीदार करा ईरान ने US-इजरायल को दे दी टेंशन; रूस से नाता

यह सब तब हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक शांति दूत बनने का सपना संजो रहे हैं और गाजा में सीजफायर के बाद यूक्रेन-रूस युद्ध रोकने की तरफ बढ़ रहे हैं।

Thu, 27 Feb 2025 05:02 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्या है याक-130, जिसका पहली बार दीदार करा ईरान ने US-इजरायल को दे दी टेंशन; रूस से नाता

ईरानी वायु सेना ने पहली बार रूस निर्मित याकोवलेव याक-130 हल्के लड़ाकू विमान का प्रदर्शन किया है। इससे प्रतिद्वंद्वी इजरायल और अमेरिकी खेमे में खलबली है। बड़ी बात यह है कि ईरान ने इस लड़ाकू विमान को तब पूरी दुनिया के सामने पेश किया है, जब उसके परमाणु ठिकानों और मिसाइल अड्डों पर अमेरिका और इजरायल द्वारा हमले की आशंका गहराई हुई है। इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि 'ज़ोल्फ़कार 1403' नामक भव्य सैन्य युद्ध अभ्यास के दौरान याक-130 ने अपनी युद्धक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

सैन्य अभ्यास के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अलीरेज़ा शेख ने कहा कि याक-130 ने अपने आधुनिक डिजायन और उच्च परिचालन क्षमताओं के कारण अभ्यास में अपनी पहली उपस्थिति में ही प्रभावशाली और उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि याक-130 ने ईरान के मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ सामंजस्य में उड़ान भरी और सटीक संयुक्त अभियान पूरा किया। शेख के मुताबिक, सैन्य अभ्यास के दौरान याक-130 ने शत्रु ड्रोनों की पहचान कर अपने हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।

ईरानी सरकारी मीडिया ने इस सैन्य अभ्यास का वीडियो भी प्रसारित किया है, जिसमें एक याक-130 को रूस निर्मित कम दूरी की मिसाइल आर-73 (एए-11 आर्चर) का उपयोग कर हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक मार गिराते हुए देखा जा सकता है। अभ्यास के दौरान याक-130 ने दुश्मन के ड्रोन को रोकने के लिए दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम किया। जब मिग-29 के पायलटों ने लक्ष्य की पहचान की और उसका पता लगाया, तो याक-130 ने फौरन उस पर हमला बोल दिया। इसके जरिए उन्नत मिसाइल प्रणालियों के साथ हवाई खतरों से निपटने की अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन ईरान ने किया है। युद्ध अभ्यास 22 फरवरी को शुरू हुआ था, जिसने उत्तरी हिंद महासागर से लेकर दक्षिण-पूर्वी ईरान के मकरान तटों तक के रणनीतिक क्षेत्रों को कवर किया। इस अभ्यास में याक-130 का शामिल होना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने ईरानी वायु सेना की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया है।

क्या है याक-130

याक-130 एक सबसोनिक दो-सीट वाला हल्का लड़ाकू जेट है, जिसे मुख्य रूप से प्रशिक्षण के लिए डिजायन किया गया है, लेकिन यह छोटे लड़ाकू मिशनों में भी सक्षम है। विमान को मूल रूप से इटली के एर्मैची के साथ साझेदारी में विकसित किया गया था। ईरान ने सितंबर 2023 में रूस से याक-130 विमानों का अपना पहला बैच हासिल किया। विमान का उपयोग रूसी Su-35 और Su-57 सहित अधिक उन्नत लड़ाकू विमानों के लिए पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए भी किया जाता है। इसे गाइडेड और अनगाइडेड बम, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल से लैस किया गया है, जिससे यह कई तरह के लड़ाकू मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है।

दो इंजन और बेहतर रडार सिस्टम से लैस

इस लड़ाकू विमान में दो इंजन हैं। याक-130 को एक बेहतर रडार सिस्टम से भी लैस किया गया है। विमान में अब एक मल्टी-मोड रडार है जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर संचालन कर सकता है, जिससे प्रशिक्षक और हल्के लड़ाकू विमान दोनों के रूप में इसकी ताकत बढ़ जाती है। याक-130 को FBWS नियंत्रित इंजन इनटेक ब्लैंकिंग दरवाजों से सुसज्जित किया गया है, ताकि यह कच्चे रनवे और घास की पट्टियों से भी संचालित हो सके और ऐसा करते समय विमान के इंजन को किसी भी तरह के बाहरी वस्तु से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। याक-130 के आधुनिक संस्करण उन्नत डिजिटल एवियोनिक्स सिस्टम से लैस हैं, जिसमें मल्टीफंक्शनल डिस्प्ले के साथ एक ग्लास कॉकपिट शामिल है जो पायलटों को व्यापक हालात से वाकिफ कराता है और संचालन में आसानी प्रदान करता है। हथियारों के मामले में याक-130 को और भी बेहतर बनाया गया है ताकि वह अधिक से अधिक हथियार ले जा सके।

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टेंशन में क्यों अमेरिका-इजरायल?

सैन्य विश्लेषकों का मानना ​​है कि ईरान द्वारा इस समय याक-130 का प्रदर्शन और सेना में तैनाती कोई संयोग नहीं है बल्कि ईरान के अपने पुराने बेड़े को फिर से खड़ा करने के व्यापक अभियान में एक सोची-समझी चाल है। ईरान इसके लिए अभी भी सोवियत युग और 1979 की क्रांति से पहले विरासत में मिले अमेरिकी निर्मित विमानों पर निर्भर है। सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस की प्रसिद्ध याकोवलेव एयरोस्पेस फर्म द्वारा डिजायन याक-130 का ईरान के हाथों में आना किसी गेम-चेंजर से कम नहीं है, क्योंकि यह हवाई युद्ध क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

2023 में रूस से अधिग्रहण होने के बाद याक-130 इस्फ़हान के फाइटर बेस पर तैनात हो चुका है। वहं यह अब चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट में जाने से पहले ईरानी पायलटों को अहम प्रशिक्षण देने के काम आ रहा है। प्रशिक्षण भूमिका के अलावा यह जेट युद्ध के मैदान में सीमित लेकिन सटीक मारक क्षमता रखने सक्षम है। जानकार कहते हैं कि सैन्य अभ्यासों में याक-130 को शामिल करके ईरान ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपने सैन्य आधुनिकीकरण प्रयासों को लगातार आगे बढ़ा रहा है और अगली पीढ़ी की तकनीक को अपनी रक्षा रणनीति में सहजता से एकीकृत कर रहा है, और आगे किसी भी टकराव के लिए वह तैयार है। यह सब तब हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक शांति दूत बनने का सपना संजो रहे हैं और गाजा में सीजफायर के बाद यूक्रेन-रूस युद्ध रोकने की तरफ बढ़ रहे हैं।

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