What is the plan for the Strait of Hormuz When will oil prices come down Trump explains in his address to the nation स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने का क्या है प्लान, कब कम होंगे तेल के दाम? राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने बताया, International Hindi News - Hindustan
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने का क्या है प्लान, कब कम होंगे तेल के दाम? राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने बताया

ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय सहयोग की पारंपरिक नीति से अलग माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका अब हर स्थिति में सहयोगी देशों की सुरक्षा जिम्मेदारी नहीं उठाएगा।

Thu, 2 April 2026 07:34 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने का क्या है प्लान, कब कम होंगे तेल के दाम? राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने बताया

Donald Trump Speech: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी ऑपरेशन को काफी सफल बताया। साथ ही उन्होंने युद्ध के कारण दुनिया के कई हिस्सों में जारी तेल संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी बात की। ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि अमेरिका को अब विदेशी तेल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है और अन्य देशों को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद कदम उठाने चाहिए।

ट्रंप ने विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए कहा कि जो देश मध्य पूर्व से तेल पर निर्भर हैं, उन्हें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले में नेतृत्व नहीं करेगा, बल्कि अन्य देशों को आगे आना होगा। दरअसल, ईरान द्वारा इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हमले की धमकी के बाद यहां से ऊर्जा आपूर्ति लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है।

ट्रंप ने अपने बयान में उन देशों पर भी निशाना साधा जो ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को हिम्मत दिखानी चाहिए और खुद जाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल हासिल करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ये देश अमेरिकी तेल खरीद सकते हैं।

ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय सहयोग की पारंपरिक नीति से अलग माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका अब हर स्थिति में सहयोगी देशों की सुरक्षा जिम्मेदारी नहीं उठाएगा।

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इसके साथ ही ट्रंप ने इजरायल और खाड़ी देशों जैसे अपने सहयोगियों का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिका के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं और अमेरिका उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देगा। ट्रंप ने ईरान पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि उसने कई देशों पर हमले किए हैं और यही कारण है कि उसे कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाना चाहिए।

राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,"कई अमेरिकियों को अपने देश में गैसोलीन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी देखकर चिंता हुई है। यह अल्पकालिक बढ़ोतरी पूरी तरह से ईरानी शासन द्वारा तेल टैंकरों और पड़ोसी देशों के खिलाफ किए गए पागलपन भरे आतंकवादी हमलों का नतीजा है। इसका इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। यह इस बात का एक और सबूत है कि परमाणु हथियारों के मामले में ईरान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है। वे उनका इस्तेमाल करेंगे। इससे दशकों तक ब्लैकमेलिंग, आर्थिक तकलीफ और ऐसी अस्थिरता पैदा होगी जिसकी हम कभी कल्पना भी नहीं कर सकते।"

वे आगे कहते हैं, "इस खतरे का सामना करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका आर्थिक रूप से पहले कभी इतना बेहतर ढंग से तैयार नहीं रहा है। आप सभी जानते हैं कि हमने इतिहास की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण किया है। एक साल के भीतर हमने एक मृत और पंगु देश को दुनिया का सबसे तेजी से उभरता हुआ देश बना दिया है। आज अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है, संयुक्त राज्य अमेरिका में 18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का रिकॉर्ड निवेश आ रहा है। शेयर बाजार अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है, जिसने सिर्फ एक साल में 53 बार अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़े हैं।''

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