What are Vladimir Putin three Brahmastras wreaking havoc on Ukraine how scenario of war may change in 2025 क्या हैं पुतिन के तीन ब्रह्मास्त्र जो बरपा रहे यूक्रेन पर कहर, 2025 में कैसे बदल सकता है युद्ध का नजारा, International Hindi News - Hindustan
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क्या हैं पुतिन के तीन ब्रह्मास्त्र जो बरपा रहे यूक्रेन पर कहर, 2025 में कैसे बदल सकता है युद्ध का नजारा

रूस ने अब बड़े पैमाने पर इन तीनों किस्म की मिसाइलों का उत्पादन तेज कर दिया है। दूसरी तरफ ईरान और उत्तर कोरिया से मिसाइलें आ रही हैं। ऐसे में 2025 यूक्रेन के लिए और घातक हो सकता है।

Mon, 30 Dec 2024 06:57 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्या हैं पुतिन के तीन ब्रह्मास्त्र जो बरपा रहे यूक्रेन पर कहर, 2025 में कैसे बदल सकता है युद्ध का नजारा

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले तीन साल से जंग जारी है। इस दौरान बड़ी ताकत होने के बावजूद रूस को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है। उसके करीब 7.80 लाख सैनिक हताहत हो चुके हैं, जबकि 3000 से ज्यादा टैंक तबाह हो चुके हैं। भारी नुकसान के बावजूद रूस यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है और उसने पूरा संसाधन इस जंग में झोंक दिया है। यूक्रेन ने दावा किया है कि नवंबर तक रूस को इस जंग में तीन अरब डॉलर के हथियार का नुकसान हुआ है।

इस बीच, यूक्रेन ने रूस को झटका देते हुए बाल्टिक सागर में रूसी बेड़े को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इन सब नुकसानों की भरपाई के लिए रूस ने एक तरफ सेना पर अपने कुल सरकारी खर्च को बढ़ाकर 40 फीसदी तक कर दिया है और दूसरी तरफ पुतिन ने तीन ब्रह्मास्त्रों को निकाल लिया है। इनमें तीन मिसाइल प्रमुख हैं।

किंजल मिसाइल:

युद्ध के शुरुआती हफ्तों में रूस ने कहा था कि उसने पश्चिमी यूक्रेन में एक हथियार डिपो पर हमले में पहली बार अपनी किन्जल मिसाइल का इस्तेमाल किया है। किंजल मिसाइल को 'डैगर' नाम से भी जाना जाता है। यह एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है जिसका उपयोग एक बार फिर यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यह 2018 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा अनावरण किए गए अगली पीढ़ी के हथियारों में से एक है। इसे आमतौर पर मिग -31 लड़ाकू जेट विमान से लॉन्च किया जाता है।

त्सिरकॉन मिसाइल:

यूक्रेन-रूस जंग फरवरी 2022 में शुरु हुई है। 2024 की शुरुआत में कीव में शोधकर्ताओं ने कहा कि मॉस्को ने यूक्रेन के खिलाफ एक और उन्नत किस्म की मिसाइल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम 'त्सिरकॉन' है। यह भी हाइपरसोनिक किस्म का मिसाइल है। एक रूसी अधिकारी के मुताबिक 2022 के बीच में ही मॉस्को ने हाइपरसोनिक 'त्सिरकॉन' का परीक्षण पूरा किया है, जिसे जिरकोन भी कहा जाता है। हाइपरसोनिक मिसाइल का मतलब ऐसी मिसाइल से है जिसकी गति ध्वनि की गति से कम से कम पांच गुना अधिक हो। यानी जो अत्यधिक गतिशील है।

ओरेशनिक मिसाइल:

हताहतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले महीने रूस ने मध्य डीनिप्रो क्षेत्र में यूक्रेनी रक्षा ठिकानों पर हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इससे यूक्रेन को भारी पैमाने पर नुकसान हुआ है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस अब अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का भी उपयोग कर रहा है। मॉस्को ने कहा कि ओरेशनिक मिसाइल ध्वनि की गति से 10 गुना या 10 मैक की गति से यात्रा कर सकता है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि डीनिप्रो पर हमला करने वाली मिसाइल मैक 11 तक पहुंच गई। ओरेशनिक एक रूसी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी कथित गति मैक 10 (12,300 किमी/घंटा; 7,610 मील प्रति घंटे; 3.40 किमी/सेकेंड) से अधिक है।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर के मध्य में कहा था कि रूस यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले करेगा। इसके साथ ही रूस ने अब बड़े पैमाने पर इन तीनों किस्म की मिसाइलों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। आने वाला साल 2025 यूक्रेन के लिए और घातक हो सकता है क्योंकि एक तरफ ट्रंप शासन यूक्रेन को सैन्य और आर्थक मदद में कटौती कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ रूस अपने घाटक मिसाइलों के अलावा ईरान और उत्तर कोरिया से आपूर्ति की गई बैलिस्टिक मिसाइलों से भी यूक्रेन पर हमले करेगा।

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