‘आग से खेल रहा है अमेरिका’, ताइवान की मदद पर चीन को लगी मिर्ची; दे डाली वॉर्निंग
- अमेरिका द्वारा ताइवान को सैन्य सहायता देने पर चीन को मिर्ची लगी है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार को इस बारे में बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि चीन ताइवान को अमेरिकी सैन्य सहायता से बहुत असंतुष्ट है।

अमेरिका द्वारा ताइवान को सैन्य सहायता देने पर चीन को मिर्ची लगी है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार को इस बारे में बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि चीन ताइवान को अमेरिकी सैन्य सहायता से बहुत असंतुष्ट है। उसने अमेरिका के समक्ष कड़ा प्रतिरोध जताया है। चीनी मंत्रालय ने कहाकि ताइवान को हथियार देकर 'ताइवान स्वतंत्रता' में सहायता करना आग से खेलने जैसा है और इससे अमेरिका जल जाएगा। " गौरतलब है कि अमेरिका ने ताइवान को 5710 लाख डॉलर की सैन्य सहायता आवंटित की है। जो बाइडेन ने यह सहायता अमेरिकी हथियारों और सैन्य उपकरणों के भंडार से किसी विदेशी राज्य को सहायता आवंटित करने के राष्ट्रपति के अधिकार के तहत दी है।
मंत्रालय ने बयान में कहाकि अमेरिका ने एक बार फिर चीन के ताइवान क्षेत्र को सैन्य सहायता और हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। यह एक-चीन सिद्धांत और तीन चीन-अमेरिका संयुक्त विज्ञप्तियों, विशेष रूप से 1982 की 17 अगस्त की विज्ञप्ति का गंभीर उल्लंघन करता है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहाकि ताइवान को अमेरिकी सैन्य सहायता ने चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन किया है।
मंत्रालय ने कहाकि यह फैसला अमेरिकी नेताओं की ‘ताइवान स्वतंत्रता’ का समर्थन नहीं करने की प्रतिबद्धता का गंभीर उल्लंघन है। यह ताइवान स्वतंत्रता समर्थक अलगाववादी ताकतों को गंभीर रूप से गलत संकेत भेजता है। चीन इसकी कड़ी निंदा करता है और इसका कड़ा विरोध करता है तथा अमेरिका के समक्ष तुरंत गंभीर विरोध दर्ज कराता है। बयान में कहा गया है कि ताइवान मुद्दे ने चीन के मूल हितों को प्रभावित किया है, और यह चीन-अमेरिका संबंधों में रेड लाइन है, जिसे पार नहीं किया जा सकता है।
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