ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, क्या है पूरा मामला
कुछ वक्त पहले ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में ‘हॉस्पिटल बोट’ भेज रहे हैं।

कुछ वक्त पहले ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में ‘हॉस्पिटल बोट’ भेज रहे हैं। ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहाकि लुइजियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ मिलकर हम ग्रीनलैंड में एक बड़ा हॉस्पिटल बोट भेजने जा रहे हैं, ताकि वहां के उन कई बीमार लोगों की देखभाल की जा सके जिनका इलाज नहीं हो पा रहा है। यह रवाना हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस पोस्ट के साथ हॉस्पिटल बोट की प्रतीकात्मक तस्वीर साझा की है, जिस पर अमेरिकी झंडा लगा हुआ है।
अभी तक पुष्टि नहीं
ग्रीनलैंड या डेनमार्क की ओर से अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि उन्होंने अमेरिका से किसी प्रकार की मदद की मांग की थी या नहीं। बता दें कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका से लगातार बिगड़ते संबंधों के कारण अब डेनमार्क के ज्यादातर लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के देश को एक दुश्मन के तौर पर देखते हैं। डेनमार्क के सरकारी प्रसारक डेनिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (डीआर) की ओर से मंगलवार को जारी एक सर्वे में यह दावा किया गया।
सर्वे में पता चला है कि 60 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को दुश्मन बताया, जबकि सिर्फ 17 फीसदी लोग उसे अब भी सहयोगी मानते हैं। यह सर्वे 21 से 28 जनवरी के बीच राष्ट्रपति ट्रंप के 21 जनवरी के उस बयान के बाद किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने क्या कहा था
वहीं, कुछ समय पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा में कोई बदलाव नहीं आया है। फ्रेडरिक्सन ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के एक पैनल सत्र में कहा था कि मुझे लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की इच्छा पहले जैसी ही है। वह इस विषय को लेकर बेहद गंभीर हैं। हमें संप्रभु राज्यों की रक्षा करनी होगी। हमें लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा करनी होगी और ग्रीनलैंड के लोग बिल्कुल स्पष्ट हैं। वे अमेरिकी नहीं बनना चाहते।
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासित क्षेत्र है, जबकि रक्षा और विदेश नीति पर नियंत्रण कोपेनहेगन के पास है। साल 2025 में सत्ता में लौटने के बाद से ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई है, जिस पर पूरे यूरोप में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन