US ने अपने दूसरे F-15E पायलट को ढूंढ निकाला, ईरान ने मार गिराया था; चुनौती बरकरार
आपको बता दें कि F-15E स्ट्राइक ईगल अमेरिका के सबसे घातक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ने इस आधुनिक विमान को मार गिराया है।

करीब पांच हफ्ते पहले शुरू हुए इस युद्ध में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। शुक्रवार को दक्षिणी ईरान के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुए F-15E स्ट्राइक ईगल के दो क्रू मेंबर्स को खोजने के लिए अमेरिका और ईरान, दोनों की सेनाओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। अमेरिका के लिए यह अपने सैनिकों की जान बचाने का सवाल था, तो ईरान के लिए उन्हें पकड़कर युद्ध में एक बड़ा दबाव बनाने का जरिया हासिल करने का मौका। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दोनों क्रू मेंबर्स को खोज लिया गया है। हालांकि, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दूसरे क्रू मेंबर की तलाश रविवार तक जारी रही। रात भर चले ऑपरेशन के बाद उसे खोजा गया, जिसके बाद अमेरिकी बचाव दल और ईरानी बलों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। ताजा जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू टीम और क्रू मेंबर अभी भी ईरानी क्षेत्र के भीतर ही हैं। ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है और खतरा बरकरार है।
अमेरिका का सबसे घातक लड़ाकू विमान
आपको बता दें कि F-15E स्ट्राइक ईगल अमेरिका के सबसे घातक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ने इस आधुनिक विमान को मार गिराया है। अगर यह सच है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। युद्ध शुरू होने के पांच हफ्तों में यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को सीधे तौर पर मार गिराया गया है। यह घटना युद्ध के और अधिक आक्रामक होने का संकेत दे रही है।
ईरान के लिए इन पायलटों को पकड़ना किसी बड़ी जीत से कम नहीं होता। युद्धबंदियों के रूप में अमेरिकी सैनिकों का इस्तेमाल ईरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर सौदेबाजी और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कर सकता था। वहीं, अमेरिका के लिए नो वन लेफ्ट बिहाइंड का सिद्धांत उसकी सैन्य प्रतिष्ठा से जुड़ा है। यही कारण है कि अमेरिकी कमांडो ने ईरानी सीमा के भीतर घुसकर जानलेवा जोखिम उठाते हुए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
क्या यह घटना सीधे युद्ध का न्योता है?
अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष मुख्य रूप से प्रॉक्सी के जरिए या सीमित मिसाइल हमलों तक था। लेकिन अमेरिकी विमान का गिरना और फिर ईरानी क्षेत्र के भीतर अमेरिकी विशेष बलों का घुसकर गोलीबारी करना, सीधे युद्ध की स्थिति पैदा करता है। यदि पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया जाता है, तो अमेरिका अपनी तकनीक के नुकसान का बदला लेने के लिए ईरान के एयर डिफेंस ठिकानों पर और बड़े हमले कर सकता है। यदि स्थिति बिगड़ती है, तो खाड़ी क्षेत्र में तनाव नियंत्रण से बाहर हो सकता है।
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