US Iran Tension US deploys over 50 fighter jets toward the Middle East amid nuclear talks F-16, F-22, F-35… ईरान की तबाही का इंतजाम, US ने 24 घंटे में भेज दिए 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स, International Hindi News - Hindustan
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F-16, F-22, F-35… ईरान की तबाही का इंतजाम, US ने 24 घंटे में भेज दिए 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स

इससे पहले दोनों पक्षों के बीच जिनेवा में बातचीत हुई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत के बाद कहा है कि दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सैद्धांतिक रूप से कुछ समझौतों तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं।

Wed, 18 Feb 2026 07:03 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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F-16, F-22, F-35… ईरान की तबाही का इंतजाम, US ने 24 घंटे में भेज दिए 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में हुई बातचीत के बाद कुछ मुद्दों पर सहमति के संकेत मिले ही थे कि अब अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को भड़काने वाला कदम उठाया है। अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी लगाते बढ़ा रहा है। अब खबर है कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने ईरान की तरफ 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई है कि ये एयरक्राफ्ट्स किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी कर रहे हैं।

एक्सियोस ने अपनी एक रिपोर्ट में अमेरिका के सैन्य बेड़ों के आगे बढ़ने की जानकारी है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक US इस इलाके में अपनी हवाई और समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिपेंडेंट फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री एविएशन मॉनिटर्स ने कई F-22, F-35 और F-16 फाइटर जेट को इलाके की ओर जाते हुए रिकॉर्ड किया है। इनके साथ कई एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी देखे गए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, “पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा फाइटर जेट इलाके में भेजे गए हैं।”

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अमेरिकी युद्धपोत पहले से ही तैनात

इससे पहले अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने दो युद्धपोत पहले ही तैनात कर दिए हैं। USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन से निकल चुका है और अब मिड-अटलांटिक पहुंच चुका है। यह तेजी से ईरान की ओर बढ़ रहा है। एक अधिकारी ने बताया है कि युद्धपोत के साथ तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, USS महान, USS बैनब्रिज और USS विंस्टन चर्चिल भी आगे बढ़ रहे हैं। USS अब्राहम लिंकन और कई दूसरे एयरक्राफ्ट्स यहां पहले से ही मौजूद है। ऐसे में ईरान कर अमेरिकी हमले की आशंका लगातार बनी हुई है।

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जिनेवा में बातचीत का क्या नतीजा?

इस बीच ईरान-अमेरिका के बीच मंगलवार को हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के दूसरे दौर में ईरान ने परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों को हटाने पर अपना रुख स्पष्ट किया है। दोनों पक्ष तीसरे दौर की बैठक के लिए सहमत भी हुए हैं। इस बातचीत का पहला दौर छह फरवरी को मस्कट में आयोजित किया गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बातचीत के बस कहा है कि परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों में ढील और किसी भी संभावित समझ के ढांचे पर ईरान का दृष्टिकोण अमेरिका तक पहुंचा दिया गया है। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से कहा कि दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सैद्धांतिक रूप से कुछ समझौतों तक पहुंचने में सक्षम रहे।

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अराघची ने एक बयान में कहा, "रास्ता खुल चुका है और इसका परिणाम एक समझौते के रूप में निकल सकता है। पिछली बैठक की तुलना में अच्छी प्रगति हुई है।" उन्होंने आगे कहा , "जब समझौते का मसौदा तैयार करने और उसे लिखने की बात आती है तो काम अधिक कठिन हो जाता है।दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख हैं, जिन्हें एक-दूसरे के करीब आने में कुछ समय लगेगा।" अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद एवं सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल थे।

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