US iran peace talks in pakistan officials sit in separate rooms Suspense latest updates अमेरिका और ईरान के अधिकारी अलग-अलग कमरों में बैठेंगे? इस्लामाबाद वार्ता पर ये कैसा सस्पेंस, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिका और ईरान के अधिकारी अलग-अलग कमरों में बैठेंगे? इस्लामाबाद वार्ता पर ये कैसा सस्पेंस

1979 के बाद पहली बार पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक बातचीत होने जा रही है। इस्लामाबाद में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी स्पीकर गालिबाफ की इस 'करो या मरो' बैठक से जुड़ी बड़ी अपडेट्स।

Sat, 11 April 2026 02:34 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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अमेरिका और ईरान के अधिकारी अलग-अलग कमरों में बैठेंगे? इस्लामाबाद वार्ता पर ये कैसा सस्पेंस

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय बैठक होने जा रही है। हालांकि, यह बातचीत कैसे होगी और इसका स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है और अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

बातचीत कैसे होगी: आमने-सामने या किसी के जरिए?

इस बैठक के तरीके को लेकर काफी असमंजस है। न्यूज एजेंसी 'AFP' का मानना है कि दोनों देशों के नेता आमने-सामने नहीं बैठेंगे। वे अलग-अलग कमरों में होंगे और पाकिस्तान के अधिकारी उनके बीच मध्यस्थ (बिचौलिए) का काम करेंगे, जो एक कमरे से दूसरे कमरे में प्रस्तावों और संदेशों को लेकर जाएंगे। वहीं पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, 1979 के बाद यह पहला मौका होगा जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर इतनी बड़ी बातचीत होगी। चीन की न्यूज एजेंसी 'शिन्हुआ' का कहना है कि पाकिस्तान दोनों ही स्थितियों के लिए तैयार है- चाहे वे आमने-सामने बैठकर बात करें या फिर मध्यस्थ के जरिए।

कौन ले रहा है हिस्सा और कैसे होगी शुरुआत?

इस बैठक के लिए अमेरिकी टीम का नेतृत्व वहां के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। वहीं, ईरानी टीम की कमान उनकी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ के हाथों में है। दोनों टीमें इस्लामाबाद पहुंच चुकी हैं। ईरान की न्यूज एजेंसी 'मेहर' के मुताबिक, मुख्य बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान दोनों की टीमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मुलाकात करेंगी।

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बैठक का समय और अवधि (कितने दिन चलेगी?)

बैठक आधिकारिक तौर पर कब शुरू होगी, इसका कोई तय समय अभी सामने नहीं आया है। ईरान की न्यूज एजेंसी 'तस्नीम' के अनुसार, ईरानी टीम दोपहर करीब 1:00 बजे पीएम शरीफ से मिली थी। अमेरिकी चैनल CNN ने कहा था कि यह बातचीत कई दिनों तक चल सकती है, लेकिन 'तस्नीम' ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि योजना के अनुसार यह बैठक सिर्फ एक दिन ही चलने की संभावना है।

पाकिस्तान की भूमिका और तैयारी

अमेरिका और ईरान को एक मेज पर लाने में पाकिस्तान ने बड़ी भूमिका निभाई है। 'AFP' के अनुसार, पाकिस्तान ने नेविगेशन, परमाणु मुद्दों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में मदद करने के लिए विशेषज्ञों की एक खास टीम बनाई है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने इस बातचीत की गंभीरता को समझते हुए इसे बेहद मुश्किल दौर बताया है। उन्होंने इसे 'करो या मरो' जैसी स्थिति करार दिया है।

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यह बातचीत क्यों हो रही है?

यह सारा तनाव 28 फरवरी को ईरान पर हुए 'अमेरिका-इजरायली' हमलों और उसके बाद ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों के कारण शुरू हुआ है। इस संघर्ष को खत्म करने के लिए ही यह बातचीत की जा रही है।

अन्य देशों की नज़र और ईरान की कड़ी शर्त

इस पूरे घटनाक्रम पर मिस्र और तुर्की जैसे क्षेत्रीय देशों की भी करीब से नजर है, जिन्होंने मध्यस्थता में मदद की है। इसके अलावा, किसी भी संभावित समझौते की गारंटी लेने के लिए चीन का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि उसकी भूमिका अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इन सब के बीच ईरान ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। उसका कहना है कि जब तक लेबनान में युद्धविराम सहित उसकी अन्य शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक वह इस बातचीत को आगे नहीं बढ़ाएगा।

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