US intel countering Israeli claim Iran was not so close to getting nuclear weapon ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब था? इजरायल के दावे पर अमेरिकी खुफिया ने क्या कहा, International Hindi News - Hindustan
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ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब था? इजरायल के दावे पर अमेरिकी खुफिया ने क्या कहा

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने मंगलवार को बेहद अहम बयान दिया। इसने कहा कि ईरान के नतांज संवर्धन स्थल पर इजरायल के हवाई हमलों का वहां के भूमिगत सेंट्रीफ्यूज हॉल पर सीधा प्रभाव पड़ा है।

Tue, 17 June 2025 08:24 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब था? इजरायल के दावे पर अमेरिकी खुफिया ने क्या कहा

इजरायल ने ईरान पर तेजी से परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ने का आरोप लगाया और हमला कर दिया। इजरायली सरकार का दावा है कि तेहरान कुछ ही महीनों में परमाणु हथियार बना सकता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' शुरू होने के बाद कहा कि ये हमले ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी खुफिया टीम ने इससे अलग राय रखी है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने और उसे लक्ष्य तक पहुंचाने में अभी तीन साल लग सकते हैं।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब है। उन्होंने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मार्च में कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने 2003 में निलंबित परमाणु हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की इजाजत नहीं दी है। ट्रंप ने कहा, 'मुझे परवाह नहीं कि उन्होंने क्या कहा।' उन्होंने जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि वह ईरान में केवल युद्धविराम नहीं चाहते, बल्कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वास्तविक समाधान चाहते हैं।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कितना नुकसान

इजरायल की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने अहम बयान दिया। उनका मानना है कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को केवल कुछ महीनों के लिए पीछे धकेला होगा। इजरायल ने ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज को काफी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अत्यधिक सुरक्षित फोर्डो संवर्धन केंद्र अभी भी बरकरार है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल के पास फोर्डो जैसे मजबूत ठिकाने को नष्ट करने की क्षमता नहीं है। इसके लिए उसे विशेष अमेरिकी हथियारों और हवाई सहायता की जरूरत होगी। ऐसे में इजरायल और ईरान के बीच जंग में यूएस की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

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