US Chief Justice John Roberts rebuked President Donald Trump on impeaching judge case जज पर महाभियोग लगाने की मांग खारिज, चीफ जस्टिस ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया तगड़ा झटका, International Hindi News - Hindustan
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जज पर महाभियोग लगाने की मांग खारिज, चीफ जस्टिस ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया तगड़ा झटका

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेम्स ई. बोसबर्ग को अनिर्वाचित उपद्रवी और आंदोलनकारी बताया। बोसबर्ग ने हाल ही में आदेश जारी किया था, जिसमें युद्धकालीन अधिकारियों के अधीन निर्वासन उड़ानों को अवरुद्ध कर दिया गया था।

Tue, 18 March 2025 11:07 PMNiteesh Kumar भाषा
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जज पर महाभियोग लगाने की मांग खारिज, चीफ जस्टिस ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया तगड़ा झटका

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने संघीय न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग को खारिज कर दिया है। इससे कुछ समय पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक न्यायाधीश को हटाने की मांग की, जिन्होंने राष्ट्रपति की निर्वासन योजनाओं के खिलाफ फैसला सुनाया था। जज रॉबर्ट्स ने अपने बयान में कहा, '2 शताब्दियों से अधिक समय से यह स्थापित है कि न्यायिक निर्णय के संबंध में असहमति के लिए महाभियोग उचित प्रतिक्रिया नहीं है।' उन्होंने कहा कि उस उद्देश्य के लिए सामान्य अपीलीय समीक्षा प्रक्रिया मौजूद है।

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मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेम्स ई. बोसबर्ग को अनिर्वाचित उपद्रवी और आंदोलनकारी बताया। बोसबर्ग ने हाल ही में आदेश जारी किया था, जिसमें युद्धकालीन अधिकारियों के अधीन निर्वासन उड़ानों को अवरुद्ध कर दिया गया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'उन्होंने कुछ भी नहीं जीता! मैं कई कारणों से जीता, एक भारी जनादेश के साथ, लेकिन अवैध आव्रजन से लड़ना इस ऐतिहासिक जीत का नंबर एक कारण हो सकता है।'

ट्रंप ने जज पर लगाए गंभीर आरोप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं बस वही कर रहा हूं, जो मतदाता मुझसे करवाना चाहते हैं। इस न्यायाधीश पर उन कई भ्रष्ट न्यायाधीशों की तरह, जिनके सामने मुझे पेश होने के लिए मजबूर किया जाता है, महाभियोग चलाया जाना चाहिए!” ट्रंप के इस पोस्ट ने न्यायपालिका के साथ उनके टकराव को बढ़ा दिया है, जो उनके प्रशासन के आक्रामक एजेंडे पर कुछ अवरोधकों में से एक रही है। देश में इसे कार्यपालिका और न्यायपालिका की शाखाओं के बीच टकराव के असाधारण मामले के तौर पर देखा गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे सही निर्णय करार दिया है।

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