ब्रिटेन में मुस्लिम वोटरों को साधने के लिए पीएम मोदी की फोटो के इस्तेमाल पर बवाल, क्या मामला?
वीडियो में गाजा में हुए जंग की तस्वीरें भी शामिल हैं। इस संदेश को चुनाव क्षेत्र में बड़ी तादाद में मौजूद ब्रिटिश पाकिस्तानी वोटरों को टारगेट करने के जरिए के रूप में देखा जा रहा है। लेबर पार्टी ने इसकी निंदा की है।

ब्रिटेन में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर को लेकर बवाल मच गया है। दरअसल यहां उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड में इस सप्ताह होने वाले उपचुनाव के लिए ग्रीन पार्टी द्वारा जारी उर्दू भाषा के प्रचार वीडियो में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर को उनके भारतीय और इजरायली समकक्षों के साथ दिखाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ग्रीन पार्टी पर समाज में फूट डालने और वोट के लिए आइडेंटिटी पॉलिटिक्स करने जैसे आरोप भी लग रहे हैं।
इससे पहले ब्रिटेन के मैनचेस्टर की गॉर्टन और डेंटन सीट के लिए सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं जहां लेबर, कंजर्वेटिव और ग्रीन्स पार्टियां धुर दक्षिणपंथी 'रिफॉर्म यूके' के आप्रवासन विरोधी संदेश का मुकाबला करने की कोशिश कर रही हैं।
वीडियो में क्या?
वीडियो में ब्रिटिश प्रधानमंत्री को पीएम मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ दिखाया गया है, जहां इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके अलावा वीडियो में गाजा में हुए जंग की तस्वीरें भी शामिल हैं। इसे चुनाव क्षेत्र में बड़ी तादाद में मौजूद ब्रिटिश पाकिस्तानी वोटरों को टारगेट करते हुए देखा जा रहा है।
इसमें उर्दू में किए गए वॉयसओवर में कहा गया है, "रिफॉर्म हमारे समाज को तोड़ना चाहता है। वे उन परिवारों को देश से निकालना चाहते हैं जो सालों से यहां रह रहे हैं, और वे प्रवासियों पर और भी ज्यादा टैक्स लगाना चाहते हैं। वे इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देते हैं और वे हमारी सुरक्षा और इज्जत को खतरे में डालते हैं। ग्रीन पार्टी ऐसा नहीं होने देगी।”
लेबर पार्टी ने की आलोचना
इस वीडियो की लेबर पार्टी ने कड़ी निंदा की है। स्टॉकपोर्ट से लेबर सांसद नवेंदु मिश्रा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हमारी राजनीति में नस्लवाद की कोई जगह नहीं है, फिर भी एक बार फिर हम ऐसे निंदनीय हथकंडे देख रहे हैं जो चुनावी लाभ के लिए सामुदायिक तनाव को भड़काने का जोखिम उठाते हैं।'' ब्रिटिश भारतीय सांसद ने कहा कि वीडियो, “गंभीर सवाल खड़े करता है।”
मिश्रा ने आगे कहा, "मुस्लिम वोटरों को साधने की कोशिश में विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री और डिप्टी प्रधानमंत्री [डेविड लैमी] की तस्वीरें दिखाकर, ग्रीन पार्टी एक ऐसा संदेश देने का रिस्क उठा रही है जो समाज को केवल आइडेंटिटी पॉलिटिक्स तक सीमित कर देगा।"
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