This is a very bad country whom is Donald Trump criticizing बहुत ही बुरा देश है यह, किसे खरी खोटी सुना रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप; भारत से भी ले चुका है पंगा, International Hindi News - Hindustan
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बहुत ही बुरा देश है यह, किसे खरी खोटी सुना रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप; भारत से भी ले चुका है पंगा

  • जब पूछा गया कि ट्रंप की नीतियां लिबरल पार्टी के लिए चुनाव में मददगार हो सकती हैं? तो इसपर ट्रंप ने कहा कि कंजर्वेटिव्स के मुकाबले लिबरल्स के साथ काम करना आसान होगा।

Wed, 19 March 2025 11:41 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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बहुत ही बुरा देश है यह, किसे खरी खोटी सुना रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप; भारत से भी ले चुका है पंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी कनाडा को लेकर शांत नहीं हुआ है। अब उन्होंने पड़ोसी मुल्क को 'बुरा देश' करार दे दिया है। इससे पहले भी वह कनाडा के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने का कदम उठा चुके हैं। साथ ही पूरे देश को अमेरिका का राज्य बनाने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। खास बात है कि कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के पद छोड़ने के बाद जल्द ही प्रधानमंत्री चुनाव होने हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जारी टैरिफ वॉर के बीच ट्रंप ने कहा, 'काम करने के मामले में सबसे बुरे देशों में से एक कनाडा है। अब ट्रूडो है। अच्छे जस्टिन। मैं उन्हें गवर्नर ट्रूडो बुलाता हूं। उनके लोग बुरे हैं और वे सच्चाई नहीं बता रहे हैं।' वह कनाडा को 'अमेरिका का 51वां' राज्य बनाने की इच्छा जता चुके हैं। हालांकि, कनाडा ने इसपर आपत्ति जताई है।

एक इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि ट्रंप की नीतियां लिबरल पार्टी के लिए चुनाव में मददगार हो सकती हैं? तो इसपर ट्रंप ने कहा कि कंजर्वेटिव्स के मुकाबले लिबरल्स के साथ काम करना आसान होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे फर्क नहीं पड़ता है। मुझे लगता है कि उनके साथ काम करना आसान है। हो सकता है कि वे जीत जाएं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।'

इधर, उन्होंने कनाडा में विपक्षी दल पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही पीएम की रेस में माने जा रहे पियरे पोलिवरे पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बगैर नाम लिए कहा, 'चुनाव की दौड़ में है जो वह कंजर्वेटिव मेरे कोई दोस्त नहीं हैं। मैं उन्हें नहीं जानता, लेकिन उन्होंने कुछ नकारात्मक बातें कही हैं।'

भारत से भी जारी हैं तनावपूर्ण रिश्ते

खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के तार भारतीय अधिकारियों से जोड़ने की कोशिश के बाद कनाडा और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। खास बात है कि तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भरी सभा में भारत पर सवालिया निशान लगाए थे, लेकिन इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया था। इसके बाद भारत ने कनाडा के राजनयिकों को बाहर करने की कार्रवाई की थी।

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