Supreme Court of the US ruled against President Donald Trump power to impose tariffs ट्रंप को बड़ा झटका, टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला; बताया गैर-कानूनी, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप को बड़ा झटका, टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला; बताया गैर-कानूनी

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। अपने इस फैसले में कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार पर रोक लगा दी है।

Fri, 20 Feb 2026 09:30 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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ट्रंप को बड़ा झटका, टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला; बताया गैर-कानूनी

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। अपने इस फैसले में कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार पर रोक लगा दी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताया है। फैसले में कहा गया है कि आपातकालीन अधिकार का उपयोग करके अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों पर व्यापक शुल्क लगाने का उनका काम अवैध था। इसके साथ ही उसने ट्रंप के व्यापक शुल्क प्रस्तावों को रद्द किया, जिससे उनके आर्थिक एजेंडे के मुख्य आधार को बड़ा झटका लगा। यह ट्रंप के व्यापक एजेंडा का पहला प्रमुख मामला है जो देश की सर्वोच्च अदालत के सामने सीधे आया है।

6-3 से फैसला
कंजर्वेटिव मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा 6-3 से लिखे फैसले में न्यायाधीशों ने निचली अदालत के उस निर्णय को बनाए रखा जिसके मुताबिक रिपब्लिकन राष्ट्रपति का 1977 के कानून का उपयोग उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। कंजर्वेटिव मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा 6-3 से लिखे फैसले में न्यायाधीशों ने निचली अदालत के उस निर्णय को बनाए रखा जिसके मुताबिक रिपब्लिकन राष्ट्रपति का 1977 के कानून का उपयोग उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। रॉबर्ट्स ने, एक पहले के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए, लिखा कि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की अपनी असाधारण शक्ति के दावा को जायज ठहराने के लिए कांग्रेस की अनुमति का हवाला देना होगा। साथ ही यह भी कहाकि वह ऐसा नहीं कर सकते।

किस बात पर रहा बहुमत
फैसले में जजों का बहुमत इस बात पर रहा कि संविधान कांग्रेस को टैक्स लगाने की शक्ति देता है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा कि संवैधानिक निर्माताओं ने टैरिफ लगाने की ताकत किसी कार्यकारी शाखा को नहीं सौंपी है। हालांकि न्यायाधीश सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कावनॉ का मत अलग था। जस्टिस कावनॉ ने फैसले से असहमति जताते हुए लिखा कि यहां जिन शुल्कों पर विवाद है, वे शायद समझदारी भरी नीति हो भी सकते हैं और नहीं भी। लेकिन टेक्स्ट, इतिहास और मिसाल के मामले में, वे स्पष्ट रूप से कानूनी हैं।

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टैरिफ पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप को अन्य कानूनों के तहत शुल्क लगाने से रोकता नहीं है। हालांकि उन पर ट्रंप की कार्रवाइयों की गति और गंभीरता पर अधिक पाबंदियां हैं। शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि वे अन्य प्राधिकरणों के तहत टैरिफ का ढांचा बनाए रखने की उम्मीद करते हैं।

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