Shocking On Eid al Fitr Iran Hits Jerusalem with Missile it lands near Al Aqsa Mosque ईद के दिन ईरान का बड़ा हमला, अल-अक्सा मस्जिद के करीब गिरी मिसाइल; नहीं हुई नमाज, International Hindi News - Hindustan
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ईद के दिन ईरान का बड़ा हमला, अल-अक्सा मस्जिद के करीब गिरी मिसाइल; नहीं हुई नमाज

ईद के दिन भी ईरान ने इजरायल को कोई मोहलत नहीं दी। एक ईरानी मिसाइल जेरुसलम में अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही मीटर दूर गिरी। इसके चलते सैकड़ों की संख्या में मुसलमान इस मस्जिद में ईद की नमाज नहीं पढ़ पाए। यह लोग बंद गेट के बाहर नमाज पढ़ने को मजबूर हुए। 

Sat, 21 March 2026 10:14 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, जेरुसलम
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ईद के दिन ईरान का बड़ा हमला, अल-अक्सा मस्जिद के करीब गिरी मिसाइल; नहीं हुई नमाज

ईद के दिन भी ईरान ने इजरायल को कोई मोहलत नहीं दी। एक ईरानी मिसाइल जेरुसलम में अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही मीटर दूर गिरी। इसके चलते सैकड़ों की संख्या में मुसलमान इस मस्जिद में ईद की नमाज नहीं पढ़ पाए। यह लोग बंद गेट के बाहर नमाज पढ़ने को मजबूर हुए। करीब 60 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब ईद के मौके पर लोगों को अल-अक्सा मस्जिद में जाने की इजाजत नहीं थी। इजरायल ने शनिवार को कहाकि एक ईरानी मिसाइल ने ईद के जश्न के दौरान जेरुसलम पर हमला किया। यह मिसाइल दुनिया के कुछ सबसे पवित्र स्थलों से केवल कुछ मीटर की दूरी पर गिरी। यह स्थान मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के लिए समान रूप से पवित्र है।

यही है असली चेहरा
इजरायली विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस बारे में जानकारी दी है। इस पोस्ट में कहा गया है कि ईद के दौरान एक ईरानी मिसाइल ने जेरुसलम को निशाना बनाया। यह मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थलों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर था। यह मुल्लाओं के कथित ‘धार्मिक’ शासन का असली चेहरा है। इजरायली सेना ने कहाकि प्रभाव सीधे टेंपल माउंट के पास महसूस किया गया। जेरुसलम का पुराना शहर, टेंपल माउंट के बिल्कुल पास, ईरानी मिसाइल के टुकड़ों से प्रभावित हुआ। आईडीएफ ने एक बयान में कहाकि ईरानी शासन ने फिर एक बार साबित किया कि वे बेतरतीब तरीके से गोलीबारी करते हैं। चाहे वह नागरिक क्षेत्र हो या धार्मिक स्थल, सभी का उद्देश्य इज़रायल को नष्ट करना है।

बुजुर्ग का छलका दर्द
सैकड़ों मुस्लिम पुराने शहर के गेट पर इकट्ठा हुए ताकि बाहर ईद की नमाज अदा कर सकें। यह लोग खुद अल-अक्सा मस्जिद तक नहीं पहुंच पाए। बता दें कि इजरायल ने युद्ध के बीच सुरक्षा चिंताओं के चलते यहां का रास्ता बंद कर दिया था। 60 साल के एक फिलिस्तीनी शख्स वजदी मोहम्मद श्वेइकी ने हमलों पर कहाकि अल-अक्सा हमसे छीन ली गई है। यह एक दुखद और पीड़ादायक रमजान है। उन्होंने आगे कहाकि यह जेरुसलम के निवासियों, खासकर फिलिस्तीनियों और दुनिया भर के सभी मुसलमानों के लिए एक विनाशकारी स्थिति है।

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अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान शुरू किया। इसके बाद से ही इजरायली अधिकारियों ने जेरुसलम के तीन सबसे सम्मानित पवित्र स्थलों को बंद कर दिया है। इसमें मुसलमानों के लिए अल-अक्सा मस्जिद, ईसाइयों के लिए होली सेपल्चर चर्च और यहूदियों के लिए वेस्टर्न वॉल शामिल है। शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछले करीब छह दशकों में यह पहली बार हुआ है जब रमजान के अंतिम दस दिनों और ईद के दौरान अल-अक्सा मस्जिद बंद है।

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