आसिम मुनीर का बयान और शिया बनाम सुन्नी में कैसे फंसा पाकिस्तान; इनसाइड स्टोरी
पाकिस्तान ईरान के बाद शिया आबादी वाला दूसरा सबसे बड़ा मुल्क है। पाकिस्तान में करीब ढाई से 4 करोड़ के बीच शिया आबादी है। इससे ज्यादा शियाओं की सत्ता वाले इकलौते मुल्क कहे जाने वाले ईरान में ही शिया हैं। लेकिन आसिम मुनीर के इस बयान ने पाकिस्तान की फॉल्टालाइंस को उजागर कर दिया है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान में चल रहे अमेरिका और इजरायल के हमलों को लेकर शिया मौलानाओं के बीच कुछ ऐसा बोल दिया था, जिस पर बवाल मचा हुआ है। उन्होंने शियाओं के धर्मगुरुओं से कह दिया था कि यदि आपको यहां रहते हुए ईरान की ज्यादा चिंता हो रही है तो आप वहीं चले जाएं। उनका स्पष्ट कहना था कि ईरान से इतना ज्यादा प्यार है तो वहीं चले जाएं। अब इस मामले को लेकर बवाल इतना बढ़ा है कि शियाओं में नाराजगी की बात कही जा रही है। हालांकि पाकिस्तान में ऐसा पहली बार नहीं है। वहां के सत्ता प्रतिष्ठान, सेना और नौकरशाही तक में शिया और सुन्नी वाला भेद काफी अधिक है।
यह समझते हुए भी कि पाकिस्तान ईरान के बाद शिया आबादी वाला दूसरा सबसे बड़ा मुल्क है। पाकिस्तान में करीब ढाई से 4 करोड़ के बीच शिया आबादी है। इससे ज्यादा शियाओं की सत्ता वाले इकलौते मुल्क कहे जाने वाले ईरान में ही शिया हैं। लेकिन आसिम मुनीर के इस बयान ने पाकिस्तान की उस फॉल्टालाइंस को उजागर कर दिया है, जो भारत से अलग होकर एक मुल्क बनने की उसकी करीब 7 दशकों की यात्रा में बनी रही है। पाकिस्तान में मुख्यधारा में सुन्नी मुसलमान ही रहे हैं। अहमदिया तो वहां भीषण अत्याचारों के शिकार रहे हैं, लेकिन शियाओं को भी उपेक्षा का दंश झेलना पड़ता है।
यही नहीं पाकिस्तान में होने वाली कट्टरपंथियों की तकरीरों में शियाओं को काफिर कहा जाता रहा है। इसके अलावा उनके लिए वाजिब-उल-कत्ल जैसे शब्द का भी इस्तेमाल होता रहा है। इस तरह पाकिस्तान में कट्टरंपथी ताकतें तो शियाओं को मार देने तक की बात करती हैं। पाकिस्तान के नियंत्रण में गए भारत के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के हिस्से गिलगित-बाल्टिस्तान में शियाओं की बड़ी आबादी है। ईरान में हुए घटनाक्रम का गिलगित-बाल्टिस्तान में विरोध हुआ था। लेकिन हालत यह थी कि इन लोगों पर फायरिंग कर दी गई। इनमें कई लोग मारे गए और कराची में भी ऐसा ही होने की खबर आई थी।
पाकिस्तान में शियाओं के मुहर्रम निकालने में भी रहती है कड़ी सुरक्षा
पाकिस्तान में शियाओं की स्थिति ऐसी है कि मुहर्रम के आयोजन से भी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ करने पड़े पड़ते हैं। पाकिस्तान में खोजा इस्माइली, बोहरी और इथना अशरी समेत कई तरह के मुसलमान रहते हैं। ऐसी स्थिति में यद आसिम मुनीर ने शियाओं के लिए यह कह दिया कि वह पाकिस्तान चले जाएं तो यह हैरानी की बात नहीं बल्कि पाकिस्तान की शिया और सुन्नी वाली फॉल्टलाइंस को उजागर करता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना खुद शिया समुदाय के ही एक मत इस्माइली खोजा थे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन