Russian missile struck warehouse of Indian pharmaceutical company in Ukraine कीव में भारतीय दवा कंपनी के गोदाम पर मिसाइल से हमला, यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप, International Hindi News - Hindustan
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कीव में भारतीय दवा कंपनी के गोदाम पर मिसाइल से हमला, यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप

  • दूतावास की ओर से कहा गया, ‘आज रूसी मिसाइल ने यूक्रेन में भारतीय फार्मा कंपनी कुसुम के वेयरहाउस पर हमला किया। भारत के साथ खास दोस्ती का दावा करने वाला मॉस्को जानबूझकर भारतीय बिजनेस को टारगेट कर रहा है।’

Sat, 12 April 2025 10:11 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कीव में भारतीय दवा कंपनी के गोदाम पर मिसाइल से हमला, यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप

यूक्रेन की राजधानी कीव में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी कुसुम के वेयरहाउस पर रूसी मिसाइल ने हमला किया है। कीव की ओर से एक्स पर एक पोस्ट में यह दावा किया गया। नई दिल्ली स्थित यूक्रेनी दूतावास ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर यूक्रेन में भारतीय कारोबार को निशाना बनाया। दूतावास की ओर से कहा गया, 'आज रूसी मिसाइल ने यूक्रेन में भारतीय फार्मा कंपनी कुसुम के वेयरहाउस पर हमला किया। भारत के साथ खास दोस्ती का दावा करने वाला मॉस्को जानबूझकर भारतीय बिजनेस को टारगेट कर रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरी दवाइयों को नष्ट किया जा रहा है।'

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ब्रिटेन के यूक्रेन में राजदूत मार्टिन हैरिस ने भी कहा कि रूसी हमलों ने कीव में एक बड़े फार्मा वेयरहाउस को तबाह कर दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमला रूसी ड्रोन से हुआ, न कि मिसाइल से। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'आज सुबह रूसी ड्रोन्स ने कीव में एक बड़े फार्मास्युटिकल वेयरहाउस को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसमें बुजुर्गों और बच्चों के लिए जरूरी दवाइयों का भंडार था। यह पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ रूस का आतंकी अभियान जारी है।'

रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से युद्ध

रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से युद्ध चल रहा है। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई हिस्सों पर हमले शुरू किए, जिसे वह स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन कहता है, जबकि यूक्रेन इसे अपने क्षेत्र की संप्रभुता पर हमला मानता है। इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं, लाखों विस्थापित हुए हैं और यूक्रेन के शहरों में भारी तबाही हुई है। रूस का कहना है कि वह नाटो के विस्तार और यूक्रेन की सैन्य गतिविधियों से अपने हितों की रक्षा कर रहा है। यूक्रेन को पश्चिमी देशों से हथियार और आर्थिक मदद मिल रही है। इस युद्ध ने ग्लोबल सप्लाई चेन, खासकर ऊर्जा और खाद्यान्न, को बाधित किया है। शांति वार्ता अभी तक नाकाम रही है और तनाव बढ़ता जा रहा है।

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